बलबीर पुंज All Article

राष्ट्रवाद बनाम छद्म-सेकुलरवाद

हाल में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के जो परिणाम सामने आए है उनमें भाजपा के अभूतपूर्व प्रदर्शन, उत्तरप्रदेश में छद्म-पंथनिरपेक्ष व वामपंथियों की पराजय और मणिपुर में इरोम शर्मिला की शर्मनाक हार से क्या संदेश मिलता है? सचमुच किसी ने नहीं सोचा था, चाहे वे विरोधी दल के सदस्य हो या फिर समर्थक, कि भाजपा उत्तरप्रदेश में 300 सीटों का आंकड़ा पार कर पाएगी। वर्ष 2012 में भाजपा को 15 प्रतिशत मत और और पढ़ें....

वाम-जिहाद गठजोड़ से देश को खतरा

हाल में कश्मीर में आतंकियों के प्रति स्थानीय लोगों में बढ़ती साहनुभूति, सुरक्षाबलों व शहीदों के शवों को ले जाते वाहन पर पथराव और दिल्ली स्थित रामजस कॉलेज में राष्ट्रविरोधी नारा लगाने के मामले एक साथ प्रकाश में आए। देश के कुछ प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के परिसरों और घाटी जिस कथित "आज़ादी" के नारों से गूंजायमान हो रही है, क्या उसके मूल उद्देश्य से सभ्य समाज परिचित नहीं है? रविवार को दक्षिणी कश्मीर के त्राल में सुरक्षाबलों और पढ़ें....

भारतीय सभ्यताः प्राचीन अस्तित्व के नए प्रमाण

भारत बतौर एक सभ्यता के रुप में कितना प्राचीन है और भारतवर्ष का उद्गम स्थल कहां है? इन दोनों यक्ष प्रश्नों का उत्तर अभी हाल ही की एक महत्वपूर्ण घटना से पुन: स्पष्ट हो जाता है। प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका 'नेचर' में छपा शोध-लेख प्रमाण है कि हमारी सभ्यता लगभग आठ हजार वर्ष पुरानी है और हम भारतीय कहीं बाहर से नहीं आए। हमारे पूर्वजों की उत्पत्ति, उनका विकास और सनातन संस्कृति का जन्म विश्व के और पढ़ें....

सेक्स स्लेव, नूरजहां और ‘उम्मा’

अभी हाल ही में गुजरात की एक मुस्लिम महिला से जुड़ा दुर्भाग्यपूर्ण और बेहद निंदनीय मामला प्रकाश में आया है। इससे फिर सभ्य समाज को वापिस जिहादी मानसिकता और इस्लामी कट्टरवाद से रूबरू होने का अवसर मिला। अत्याचार करने वाले और उसका शिकार दोनों मुसलमान थे, इसलिए सदैव की तरह देश के किसी भी बुद्धिजीवी, उदारवादी और स्वघोषित पंथनिरपेक्षकों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और मीडिया का बड़ा भाग भी इस पर मौन और पढ़ें....

नागालैंड में महिला अधिकारों पर डाका

हाल में नागालैंड में एक हिंसक घटनाक्रम के बाद महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकार से वंचित कर दिया गया। यह हक उन्हे दशकों के संघर्ष और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद प्राप्त हुआ था। आश्चर्य की बात है कि महिला अधिकारों के हनन की इतनी बड़ी घटना को लेकर न समाज में कोई प्रतिक्रिया दिखी और न ही राजनीतिक दलों ने इसका संज्ञान लिया। जो महिलाएं, किसी कॉलेज में छात्राओं के जींस पहनने पर और पढ़ें....

भारत में ही हिंदुओं के प्रति असहिष्णुता!

पश्चिम बंगाल किस प्रकार इस्लामी कट्टरवाद के चंगुल में फंस चुका है, वह यहां एक के बाद एक प्रकाश में आ रहे घटनाक्रमों से स्पष्ट है। अभी हाल ही में प.बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्षा ममता बनर्जी ने जिस पर्व, सरस्वती पूजा को बहाना बनाकर एक फरवरी को लोकसभा में पेश हुए बजट का बहिष्कार किया था, उसी उत्सव से संबंधित कार्यक्रमों को इस्लामी कट्टरपंथियों ने प.बंगाल के कुछ स्कूलों में नहीं होने और पढ़ें....

क्या पाकिस्तान कभी सुधरेगा?

कई दिनों से अपनी कुत्सित नीतियों के कारण विश्व में अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान, अपने अस्तित्व को बचाने के लिए छवि सुधार अभियान में जुटा हुआ है। इसमें सबसे प्रमुख 26/11 मुंबई हमले के साजिशकर्ता हाफिज सईद को एकाएक नजरबंद करना रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सात मुस्लिम देशों के शरणार्थियों पर प्रतिबंध लगाए जाने और भविष्य में पाकिस्तान पर भी इस तरह पाबंदी की संभावना, नि:संदेह हाफिज सईद पर की गई कार्रवाई से संबंधित और पढ़ें....

भारत, अमेरिका और आतंकवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात करते हुए अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को अपना सच्चा मित्र और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सबसे भरोसेमंद साझीदार बताया। उससे पूर्व, अमेरिका में ट्रंप द्वारा राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद, जिस प्रकार स्थानीय मीडिया की प्रतिक्रिया रही और ट्रंप के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुआ, उससे दो महत्वपूर्ण तथ्य अवतरित हुए है। पहला, अमेरिका में मीडिया और जनता के बीच वैचारिक मतभेद, चुनाव और पढ़ें....

अमेरिका न पढ़ाए सहिष्णुता का पाठ

20 जनवरी 2017 का दिन न केवल अमेरिकी इतिहास के लिए, बल्कि वैश्विक राजनीति के लिए महत्वपूर्ण है। यह दिन डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के रुप में शपथ लेने का दिन है। ट्रंप के शपथ समारोह से पूर्व, अलग-अलग अमेरिकी संस्थाओं की दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट प्रकाश में आई। पहली रिपोर्ट में भारत का संदर्भ है। इसके अनुसार अगले पांच वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था और अधिक तीव्रता के साथ विश्व में उदयमान होगी। सबसे और पढ़ें....

चुनाव से होगा बहुत कुछ तय

चार फरवरी से प्रारंभ हो रहे पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में 16 करोड़ 80 लाख मतदाता 690 सीटों पर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। पांच में से चार सूबे उत्तप्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में जहां भारतीय जनता पार्टी की स्थिति उल्लेखनीय है, वही सुदूर पूर्वोत्तर मणिपुर में अभी तक उसकी शक्ति क्षीण है। उत्तराखंड में कांग्रेस सत्तासीन है, वही गोवा और पंजाब में वह सत्ता की प्रमुख दावेदार है। इन प्रदेशों में और पढ़ें....

बलबीर पुंज

बलबीर पुंज

editoralbp@nayaindia.com

Balbir Punj is a Rajya Sabha MP of BJP and a political commentator. He is a Guest Writer for NAYA INDIA, and writes a weekly column focussing on the Indian Economy. He started his journalistic career in 1971 for the publication Motherland and later moved on to work with Financial Express, for almost 25 years. He appears regularly on all mainline television channels discussing and debating on contemporary political- economic issues.

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