डा. वेद प्रताप वैदिक All Article

तीन बड़े प्रेरणादायक आंदोलन

मेरे पिछले दो-तीन दिन इंदौर और जोधपुर में बीते। लगभग आधा दर्जन समारोहों में मैंने भाग लिया। जिन तीन खास समारोहों में जाकर मुझे विशेष प्रेरणा मिली और जो देश के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं, उनका यह जिक्र करना जरुरी है। इंदौर में कुछ नौजवानों ने मिलकर एक संगठन बनाया है, मिशन-21 । याने शादी-विवाह में 21 से ज्यादा चीज़ें न परोसी जाएं। मैंने कहा, 21 की बजाय इसे 11 क्यों न और पढ़ें....

जनरल शरीफ, जरा सावधान रहें

पाकिस्तान के पूर्व सेनापति राहील शरीफ को दुनिया के इस्लामी राष्ट्रों की फौजों के गठबंधन का प्रमुख नियुक्त किया गया है। पाकिस्तान सरकार ने उन्हें इसकी इजाजत भी दे दी है। इस 39 मुस्लिम राष्ट्रों के फौजी गठबंधन का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से लड़ना है। इसकी पहल सउदी अरब ने की है। यह पहल 2015 में हुई थी लेकिन यह परवान अब चढ़ रही है। यदि वास्तव में यह गठबंधन खड़ा हो गया और इसने और पढ़ें....

नया पिछड़ा आयोग अगड़ा बने

पिछड़ा वर्ग आयोग की जगह अब सरकार एक सामाजिक-शैक्षणिक पिछड़ा वर्ग राष्ट्रीय आयोग स्थापित करेगी। इस खबर को लेकर राज्यसभा में काफी हंगामा हो गया। राज्यसभा के कुछ सदस्यों ने यह आरोप लगाया कि यह आयोग इसलिए बनाया जा रहा है कि पिछड़ों और अनुसूचितों को मिलने वाले आरक्षण में कटौती की जा सके। इस घोषणा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत के उस बयान से भी जोड़ा जा रहा है, जो और पढ़ें....

शिक्षा में मप्र की नई मिसाल

मैं पिछले दो दिन से इंदौर में हूं। आज यहां के ‘नई दुनिया’ अखबार में एक खबर पढ़कर दिल खुश हो गया। मुझे पता नहीं कि वह खबर कैसे बनी? वह महत्वपूर्ण फैसला मध्यप्रदेश सरकार ने मेरा लेख पढ़कर किया है या अपनी प्रेरणा से किया है, मैं नहीं कह सकता। मैं अपने पिछले कुछ लेखों में देश की शिक्षा के बारे में दो सुझाव देता रहा हूं। एक तो यह कि देश के सारे और पढ़ें....

सरकारी भर्तियां: नींद कब खुलेगी?

संघ लोग सेवा आयोग ही सरकार की भर्ती-परीक्षाओं का सबसे बड़ा केंद्र है। इसका नाम है- लोक सेवा आयोग लेकिन इसकी मुख्य परीक्षाएं किसी भी लोक भाषा में नहीं होती हैं। वे एक विदेशी भाषा में होती है, जिसका नाम अंग्रेजी है। सरकार से कोई पूछे कि अफसर बनने के बाद ये लोग किसकी सेवा करेंगे? भारतीयों की या अंग्रेजों की? यह लोक सेवा आयोग है या परलोक सेवा आयोग है? अपने लोगों पर पराई और पढ़ें....

अयोध्या: मसला बातचीत से हल हो

सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या के मंदिर-मस्जिद विवाद को आपसी बातचीत और सर्वसम्मति से हल करने की सलाह दी है। मुख्य न्यायाधीश जे.एस. खेहर ने कहा है कि दोनों तरफ की पार्टियां राजी हों तो वे स्वयं मध्यस्थता करने को तैयार हैं। यह फैसला लगभग छह साल तक इंतजार करने के बाद आया है। 2010 में इलाहाबाद न्यायालय ने जो फैसला दिया था, वह मुकदमा लड़ने वाली तीनों पार्टियों को स्वीकार नहीं था। उसने 2.7 एकड़ विवादित और पढ़ें....

भारत इतना दुखी देश क्यों है?

संयुक्त राष्ट्रसंघ हर साल एक रपट जारी करता है, जिसका नाम है- सुखी देश की अनुक्रमणिका याने कौनसा देश कितना सुखी है। इस बार अपनी 2017 की वार्षिक रपट में उसने भारत को 122 वें स्थान पर बिठाया है। लगभग डेढ़ सौ देशों में भारत का स्थान इतना नीचे है, जितना कि अफ्रीका के कुछ बेहद पिछड़े देशों का है। पिछले एक साल में भारत 118 से चार सीढ़ियां फिसलकर 122 वें पायदान पर क्यों चला और पढ़ें....

हरियाणा और मणिपुर राह दिखा रहे

इस रविवार को उप्र में योगी आदित्यनाथ की शपथ हुई। इसके साथ-साथ हरियाणा और मणिपुर की सरकारों ने ऐसे दो अच्छे काम कर दिए, जिनकी तारीफ सभी करेंगे। हरियाणा में जाट आंदोलन और मणिपुर में नगा आंदोलन स्थगित हो गया। हरियाणा के जाट बहुत भड़के हुए हैं। वे अपने लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षा संस्थाओं में भी आरक्षण मांग रहे हैं। उनका आंदोलन पहले भी हिंसक रुप धारण कर चुका हैं। कई लोग पहले मौत और पढ़ें....

एक योगी का मुख्यमंत्री बनना!

योगी आदित्यनाथ को उप्र का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है, इस तथ्य ने सबको आश्चर्य में डाल दिया है, जैसा कि वहां के चुनाव-परिणामों ने डाल दिया था लेकिन उप्र के चुनाव-परिणाम और योगी की नियुक्ति में सहज-संबंध का एक अदृश्य तार जुड़ा हुआ है। आप पूछें कि उप्र में भाजपा कैसे इतना चमत्कार दिखा सकी तो इसका एक ही बड़ा उत्तर है कि वहां सांप्रदायिक ध्रुवीकरण हुआ। हिंदुओं ने नोटबंदी की तकलीफों को भुला और पढ़ें....

चीन के खातिर गिलगित का कत्ल

गिलगित और बलितस्तान को अब पाकिस्तान अपना पांचवां प्रांत घोषित करने वाला है। इस समय पाकिस्तान के चार प्रांत हैं- पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर-पख्तूनख्वाह। अब गि.ब. का इलाका, जो कश्मीर का हिस्सा है, लेकिन जिसे पाकिस्तान ने 1970 से स्वायत्त क्षेत्र बना रखा था, उसे वह पांचवां प्रांत इसलिए घोषित कर रहा है कि उस क्षेत्र से चीन का वह महामार्ग गुजरेगा, जो उसे सीधे यूरोप से जोड़ेगा। चीन को यूरोप तक पहुंचने में जल-मार्ग और पढ़ें....

डा. वेद प्रताप वैदिक

डा. वेद प्रताप वैदिक

dr.vaidik@gmail.com

Dr. Ved Pratap Vaidik, a renowned Journalist of his era, wears a hat of Scholar, Political Analyst, Orator and Columnist. As an expert on international affairs, Dr Vaidik is a Contributing Writer at NAYA INDIA, writing extensively on national and international affairs. Dr. Vaidik started his career with Press Trust of India and served a decade as the Founder-Editor of its Hindi News Agency “BHASHA”. He also had a long stint as the Editor (views) of Nav Bharat Times. Currently, he is the Chairman Council for Indian Foreign Policy and Bhartiya Bhasha Sammelan. Dr Vaidik has a long association with Afghanistan and has known Afghanistan as a Journalist and Peace activist. He has done extensive field work there and has been playing an active role in the Afghan Affairs by helping the contending parties to negotiate peace. He has been an active political activist; a widely travelled scholar-journalist; and has been a member of several Advisory Committees of Govt of India. An avid reader and excellent orator, he appears regularly on all mainline television channels and has several award winning research publications to his credit. He has a Ph.D degree in International Affairs from Jawaharlal Nehru university and is fluent in several languages- Russina, Persian, English Hindi, and Sanskrit

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