विवेक सक्सेना All Article

हम उन्हें जिदंगी दें और वे हमें मौत!

पाकिस्तान के जियो टेलीविजन चैनल ने एक खबर दिखाई और फिर उसके बाद पूरे देश में हंगामा खड़ा हो गया। वहां के चैनलों पर यह बहस शुरू हुई है कि किस तरह से हिंदुस्तान पाकिस्तानी लोगों के मानवाधिकारों का हनन कर रहा है। वह अपने यहां ईलाज करवाने के लिए आने वाले पाकिस्तानी रोगियों को वीजा नहीं दे रहा है। इससे उनकी जान पर बन आई है। उसका यह कदम निहायत गैर-मानवीय है। मामला सिर्फ और पढ़ें....

जस्टिस कर्णनः न्यायपालिका के केजरीवाल

कभी सोचा भी नहीं था कि महज एक हफ्ते के अंदर ही हाईकोर्ट के दो जजों के बारे में लिखना पड़ेगा। दोनों अलग-अलग कारणों से चर्चा में रहे। दोनों ने ही इतिहास रच डाला मगर दो ध्रुवों की तरह। उनमें कोई तालमेल ही नहीं था। जहां लीला सेठ ने अपनी सादगी और महानता के कारण इतिहास में जगह बनाई वहीं जस्टिस चिन्नास्वामी स्वामीनाथ कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपनी अवमानना के अपराध में 6 माह और पढ़ें....

जस्टिस लीला सेठः इंसाफ की मिसाल

हमने अपनी सोसायटी के बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा कर रखा था। मामला हाईकोर्ट में चल रहा था। एक दिन सुनवाई के दौरान बिल्डर के वकील ने न्यायालय में कुछ झूठी बातें कहीं। मैं भी वहां मौजूद था। मुझसे नहीं रहा गया। मैंने न्यायालय में लगभग चीखते हुए कहा कि ये झूठ बोल रहे हैं। सच्चाई इससे एकदम अलग है। यह तो अपराधी को बचाने के लिए हम लोगों पर झूठे आरोप लगा रहे और पढ़ें....

हाफिया और कृष्ण मैनन

पुंजजी का फोन आया और उन्होंने बताया कि हाफिया पर लिखे मेरे कॉलम में कुछ अंहम जानकारियां रह गई थीं। उन्होंने बताया कि पिछले शानिवार को उन्होंने भी अपने कॉलम में इस विषय पर चर्चा की थी। दुर्भाग्य से मैं उस दिन उनका कॉलम इसलिए नहीं पढ़ सका क्योंकि अक्सर मेरे घर शनिवार को अखबार नहीं आता है। शायद इसकी वजह यह है कि उस दिन मेरा कॉलम नहीं छपता है और बलबीर पुंज व और पढ़ें....

बाबा रामदेवः अहो रूप-महो ध्वनि

हरियाणा में इससे पहले सुनते आए थे कि जाट और बनिए का बैर होता है। देश के तमाम बड़े बनिए हरियाणा से ही हैं। इनमें जिंदल परिवार, जी टीवी के मालिक सुभाष चंद्र से लेकर प्रेम गुप्ता तक शामिल है जो कि आर्थिक मामलों में लालू परिवार के सलाहकार माने जाते हैं। वैसे यह हरियाणा के पानी का असर है कि वहां के जाट काफी संपन्न हैं और उद्योग-व्यापार में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे और पढ़ें....

मोदी-ट्रंप और अब ली पेन?

हम भारतीय अभी तक अपने मानसून की दशा और दिशा के लिए विदेशी अल-नीनो इफेक्ट पर निर्भर करते आए हैं मगर हमने तो दुनिया के राजनीतिक मौसम को ही बदल डाला। तीन साल पहले जो राजनीतिक सुनामी भारतीय उप महाद्वीप से शुरू हुई थी उसने छह माह के अंदर ऐसा कहर ढाया कि पहले विश्व की सबसे बड़ी शक्ति अमेरिका उसकी लपेट में आया और अब यूरोप के सबसे समृद्ध देशों में गिना जाने वाला और पढ़ें....

हाफिया और यह गजब इतिहास

जब पहली बार विदेश घूमने गया तो बड़े ध्यान से अपने गाइड द्वारा दी जाने वाली जानकारी को न केवल सुनता था बल्कि रात को उसे अपनी डायरी में भी नोट कर लेता था। एक दिन रात को सोते समय यह सोचने लगा कि मैं भी कितना अजीब आदमी हूं। एक ओर तो विदेश आकर वहां की इमारतों, ऐतिहासिक स्थानों आदि के बारे में जानकारी हासिल कर रहा हूं और दूसरी और अपने देश तक और पढ़ें....

अमेरिका की प्रथम पुत्री!

अपना मानना है कि इस शताब्दि में सबसे बड़ी उपलब्धि सूचनाओं का आदान-प्रदान है। दुनिया के किसी भी कोने में होने वाली कोई भी घटना चंद मिनटों में पूरे संसार के लोगों की पहुंच में आ जाती है। इन घटनाओं व सूचनाओं के जरिए न केवल हमारी जानकारी बढ़ती है बल्कि यह पता करने में भी मदद मिलती है कि हम तमाम मानकों के आधार पर दुनिया में कहां खड़े हुए हैं। हम आर्थिक, स्वास्थ्य, और पढ़ें....

नेहरू ने छुड़वाया था अपराधी को!

इन दिनों हमारे नेताओं व उनके रिश्तेदारों द्वारा बिना कुछ किए धरे करोड़ो रुपए कमाने की कई खबरें आई है। जैसे लालू यादव द्वारा अपने नेताओं को मंत्री बनाने के बदले में उनसे जमीन ले लेना या रॉबर्ट वाड्रा द्वार डीएलएफ से पैसा उधार लेकर उससे लाखों की जमीन खरीद कर फिर उसे ही करोड़ों रू में बेच देना। इन्हे सुन कई बार लगता है कि हमारा आज कितना पतन हो चुका है। मगर अगर और पढ़ें....

राष्ट्रपति प्रणाली की बात, और मोदी पर निशाना

किसी भी सत्तारूढ नेता या उसकी सरकार के प्रति लोगों का नजरिया जानने के लिए आमतौर पर उसका आधा शासनकाल पर्याप्त माना जाता है। आमतौर पर हमारे देश में पांच साल तक चलने वाली राज्य और केंद्र सरकारों के बारे में यह कहा जाता है कि ढाई साल बाद ही उनकी उलटी गिनती शुरू हो जाती है क्योंकि तब उनके पास कुछ कर दिखाने के लिए इतना ही समय बचा होता है। मगर यदि उनके और पढ़ें....

विवेक सक्सेना

विवेक सक्सेना

nayaindiadaily@gmail.com

Vivek Saxena is the Popular columnist of NAYA INDIA. He writes from Monday to Friday every week. He has 30 year experience of journalism. Prior to joining NAYA INDIA, he had a long stint at various hindi magazines. ….

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