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अजित द्विवेदी All Article

प्रधानमंत्री की चुनी हुई चुप्पी!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर चुप हैं। आजाद भारत के इतिहास का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला हुआ है। देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पीएनबी से एक कारोबारी साढ़े 11 हजार करोड़ रुपए लेकर फरार हो गया है। और पढ़ें....

विपक्ष तो करेगा आत्महत्या!

विपक्षी पार्टियां क्या सचमुच अगले लोकसभा चुनाव तक हाराकिरी कर लेंगी? पहली परीक्षा में विपक्ष के फेल होने से तो कम से कम ऐसा ही लग रहा है। पहली परीक्षा कर्नाटक में थी। विपक्षी पार्टियों को एकजुट होना था। और पढ़ें....

यही है मोदी का चुनावी बजट!

नोटबंदी 2016 में, 2017 में जीएसटी और उसकी अगली कड़ी 2018 का आम बजट है। अगर संसद में पेश किए गए अरुण जेटली के आखिरी पूर्ण बजट को बारीकी से देखें तो इसके पीछे वहीं विचार काम करता हुआ दिखेगा, जो नोटबंदी और जीएसटी के पीछे था। और पढ़ें....

धर्म की कमजोर होती धार!

भारत में धर्म ने जातियां बनाईं। वर्ण व्यवस्था हिंदू धर्म का मूल आधार रहा है। बहस के लिए कह सकते हैं कि वर्ण की प्राचीन व्यवस्था जन्म पर नहीं, बल्कि कर्म पर आधारित थी। और पढ़ें....

लाभ के पद का तमाशा!

भारत की राजनीति और उससे भी बड़े फलक पर देखें तो भारतीय लोकतंत्र में बड़े तमाशे हैं। चुनाव और चुनाव प्रचार भी भारत में एक बड़ा तमाशा ही होता है और चुनाव जीत कर सरकार चलाने वाले बुनियादी रूप से इस तमाशे को संचालित करने वाले मदारी होते हैं। और पढ़ें....

जजों की बगावत से बदलाव की उम्मीद!

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने बागी तेवर दिखाए। चीफ जस्टिस के कामकाज को लेकर मीडिया में जाकर सवाल उठाए। पर सवाल है कि इससे क्या बदल जाएगा? शीर्ष जजों के बीच चल रही खींचतान के बीच सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने अपनी बैठक करके दो प्रस्ताव पास किए और पढ़ें....

नहीं खत्म होगी लालू की राजनीति!

चारा घोटाले से जुड़े दूसरे मामले में आए फैसले के बाद बहुत से लोग लालू प्रसाद के अंत की घोषणा करने लगे हैं। उनके लिए शोक गीत लिखा जाने लगा है और जनता दल यू के राष्ट्रीय महासचिव ने एक अध्याय समाप्त होने का ऐलान कर दिया है। और पढ़ें....

नए साल में क्या बदलेगी राजनीति!

राजनीति के जानकार बड़े बड़े दावे कर रहे हैं। साल बीतने के साथ ही राजनीति बदल जाने का दावा भी किया गया है तो भाजपा और केंद्र सरकार का हनीमून पीरियड खत्म हो जाने का भी दावा किया गया है। और पढ़ें....

क्या सचमुच 2जी घोटाला नहीं हुआ?

टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन में क्या सचमुच कोई घोटाला नहीं हुआ है? क्या सितंबर 2007 से जनवरी 2008 के बीच संचार मंत्रालय में जो कुछ हुआ वह सब नियमों के अनुकूल था और उसका मकसद किसी खास कंपनी को फायदा पहुंचाने का नहीं था? और पढ़ें....

गुजरात का संदेश क्या?

गुजरात का विधानसभा चुनाव राष्ट्रीय महत्व का था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की प्रतिष्ठा इस चुनाव में दांव पर लगी थी तो कांग्रेस के नए बने अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए भी यह चुनाव बेहद अहम था। और पढ़ें....

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अजित द्विवेदी

अजित द्विवेदी

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Ajeet Dwivedi is the Editor(News) of NAYA INDIA and brings over 16 years of experience as a reporter and editor. Ajeet started his journalistic career as a reporter at Jansatta in 1996. In 1997, he joined Samvad Parikrama- News and Feature Agency serving as the reporter for the agency’s various publications. In 2000 he started working as News Coordinator and content developer for Netcom India Pvt Ltd. From 2003 to 2007, he was associated with Dainik Bhashkar has as an Assistant Editor, where apart from the opinion page he was also in charge of planning special features and stories for Bhashkar’s Sunday review page. After a successful stint in the print industry, in 2007, he took the leap and ventured into electronic media and joined India News. There he was not only an Executive Editor but was also part of the core team instrumental in establishing the channel. In 2010, Ajeet came onboard NAYA INDIA as Editor. He helps oversee NAYA INDIA’s editorial content and writes weekly columns on contemporary issues which stare India in the face.

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