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श्रुति व्यास All Article

ऐसा खौफ पहले कभी नहीं दिखा

हर चुनाव एक कहानी कह जाता है। चुनाव की कहानी आगे की नई कथा, नए नैरेटिव की शुरुआत का विचार दे जाती हैं। नई कथा या तो बदलाव के लिए हो सकती है, या फिर पुराने ढर्रे की निरंतरता लिए होती है। और पढ़ें....

महारानी की आभा और जनता का मूड

मध्यप्रदेश और राजस्थान में चुनाव का फर्क लीडरशीप से है। राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे लोगों में महारानी वाली धमक लिए हुए है लेकिन बिना अपनेपन के व जन आक्रोश के साथ। और पढ़ें....

झालावाड़: राजे का जलवा जस का तस

जिले की सीमा में ज्योंहि प्रवेश हुआ तो साइनबोर्ड ‘ऐतिहासिक जिला झालावाड़ में आपका स्वागत है‘ से ऐतिहासिकता को बतलाता हुआ। विचार बना कि कुछ भी हो यह जिला मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए तो ऐतिहासिकता लिए हुए है! और पढ़ें....

खाली दिमाग बोलेगा या लाडली-लक्ष्मी?

सन 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की दलील थी कि बदलाव लाओं ताकि अच्छे दिन आए। उन्होने लोगों में बदलाव की जरूरत बनाई। और पढ़ें....

बेरोजगारों का खाली दिमाग और बदलाव!

मतदान में अब सिर्फ दो दिन बचे हैं। लेकिन मतदाता अभी भी संशय में है। बेचैन और बात करने से हिचकता हुआ। कुछ जगह लोग भयभीत भी दिखे। खुल कर अपनी राय जाहिर करने से बचते नजर आ रहे हैं। और पढ़ें....

मध्यप्रदेश के चुनावी माहौल में वीराना!

चुनाव के साथ भला वीरानी क्योंकर? पर ऐसा अनुभव मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के राजा भोज हवाई अड्डे पर उतरते ही होगा। एयरपोर्ट से शहर जाते हुए बिना रंग, बिना नारों, बिना छप्पन इंची छाती के हार्डिंगों का जो अनुभव होता है और पढ़ें....

मी टू से निकलते कई सवाल

यौन उत्पीड़न के खिलाफ मी टू अभियान जोर पकड़ चुका है। पिछले साल अमेरिका से शुरू हुए इस अभियान ने आज भारत में कई नामी-गिरामी लोगों को अपनी जद में ले लिया है। और पढ़ें....

विदेश नीति: मोदी के जरिए क्या कुछ?

किसी भी देश की विदेश नीति उसके नेताओं के विश्वास और माहौल के दबाव का मिलाजुला प्रतिबिंब होती है। लेकिन दुर्भाग्य से भारत की स्थिति हमेशा से ऐसी रही है कि जब दुनिया से रिश्ते बनाने की बात आती है तो हम कहीं न कहीं बचाव की मुद्रा में ही और पढ़ें....

खेल में लिंग व नस्ल का भला क्या मतलब?

दोनों के ही लिए खिताबी मैच एक सपने जैसा था। जापान की बीस वर्षीय नाओमी ओसाका पहली बार सेरेना के सामने ग्रैंड स्लैम खेल रही थीं। जबकि एक साल की बेटी  की मां सेरेना विलियम्स के लिए चौबीसवां सिंगल मुकाबला था। और पढ़ें....

सन्नाटे में शांति है तो अशांति भी !

मैं क्या करूं? किससे कश्मीर को जानू? अहसास बता रहा है कि कश्मीर जो है उसे खुद कश्मीरी भी नहीं जानते-समझते है कि यह है क्या? सब ठहरा, ठिठका और निठल्ला है तो कोई-क्या अर्थ निकालेगा? कोई कहता है यह विवादित इलाका है। और पढ़ें....

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श्रुति व्यास

श्रुति व्यास

editor6@nayaindia.com

Shruti Vyas is the Editor(views) of NAYA INDIA and has over 3 years of experience as a writer on international affairs and on social issues. She started his journalistic career as a roving correspondent at Jain studio in 2009. She joined as director to Samvad Parikrama in 2010 and then joined NAYA INDIA. She is incharge of the opinion page as well as in charge of planning features and stories for Saturday-Sunday special feature pages. she helps oversee NAYA INDIA’s editorial content and writes on contemporary issues.

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