खाद्य तेल का आयात 2017-18 में 10 प्रतिशत बढ़ा

नई दिल्ली। देश में 2017- 18 में खाद्य तेल का आयात 10 प्रतिशत बढ़कर एक करोड़ 55 लाख 70 हजार टन पर पहुंच गया। इस दौरान पॉम तेल का आयात पहले के मुकाबले अधिक होने से कुल आयात में वृद्धि हुई। खाद्य तेल उद्योग के संगठन साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने यह जानकारी दी। भारत दुनिया में वनस्पति तेलों का सबसे बड़ा आयातक है।

इससे पिछले साल देश में एक करोड़ 42 लाख दस हजार टन खाद्य तेलों का आयात किया गया था। एसईए के आंकड़ों के मुताबिक समाप्त वित्त वर्ष 2017- 18 में खाद्य तेलों का आयात जहां एक करोड 51 लाख टन रहा वहीं अखाद्य तेलों का आयात इस दौरान तीन लाख 92 हजार 115 टन रहा। खाद्य तेलों के आयात में 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पॉमालिन तेल का रहा।

मलेशिया द्वारा इसके निर्यात पर शुल्क वापस लिये जाने के बाद से पामोलिन तेल का आयात तेजी से बढ़ा है। हालांकि सरकार ने पॉम तेल के आयात पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मार्च में कच्चे पॉम तेल के आयात पर सीमा शुल्क को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 44 प्रतिशत कर दिया। वहीं आरबीडी पाम तेल पर इसे 40 प्रतिशत से बढ़कार 54 प्रतिशत कर दिया गया।

यह कदम घरेलू उत्पादकों के हितों को ध्यान में रखते हुये लिया गया। एसईए ने कहा, शुल्क में यह वृद्धि सरकार का स्वागत योग्य कदम है। फिर भी सरकार ने कच्चे तेल और रिफाइंड तेल के बीच शुल्क में 20 प्रतिशत का अंतर रखने का मौका गंवा दिया। एसोसिएशन काफी समय से इसकी मांग करती रही है। इससे घरेलू रिफाइनिंग उद्योग को बढावा मिलेगा।
 

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