आस्ट्रेलिया का भारत को तीसरा बड़ा निर्यात बाजार बनाने का लक्ष्य

नई दिल्ली। आस्ट्रेलिया ने भारत के साथ अपने द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान के 30 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 डॉलर करने की योजना बनायी है जिससे अगले कुछ वर्षाें में भारत उसका तीसरा बड़ा निर्यात बाजार होगा।

ऑस्ट्रेलिया के व्यापार, पर्यटन एवं निवेश मंत्री साइमन बर्मिंघम की अगुवाई में सोमवार से पांच दिवसीय भारत आये प्रतिनिधिमंडल में शिक्षा, पर्यटन, ऊर्जा और संसाधनों तथा खाद्य और कृषि आधारित व्यापार जैसे प्राथमिकता के क्षेत्रों की ऑस्ट्रेलियाई कंपनियां शामिल है।

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यह शिष्टमंडल 24 से 28 फरवरी के बीच दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई का दौरा करेगा। यह दौरा ऑस्ट्रेलिया-इंडिया बिज़नस एक्सचेंज , जो दोनों देश के बीच व्यापार, निवेश और पर्यटन कारोबार की आयोजनों का बहुमासिक कार्यक्रम है, का हिस्सा है। आस्‍ट्रेड के ऑस्ट्रेलिया-इंडिया बिजनेस एक्सचेंज (एआईबी-एक्स) का हिस्सा है, जोकि दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और पर्यटन जुड़ाव को और मजबूत करने के लिए कई महीनों तक चलने वाला कार्यक्रम है।

ऑस्ट्रेलिया के ऑस्ट्रेलियन ट्रेड एंड इन्‍वेस्टमेंट कमिशन के ट्रेड कमिश्‍नर मुनीश शर्मा ने यहां कहा कि लगातार बढ़ रहे प्रतिस्‍पर्धी कारोबारी परिदृश्‍य के बावजूद, भारत का बिल्‍ट एनवॉयरमेंट सेक्‍टर 2030 तक, 1.5 लाख करेाड़ ऑस्‍ट्रेलियाई डॉलर के बाजार आकार तक पहुंचने की उम्मीद है। एआईबी-एक्स उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा जहां तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था ऑस्ट्रेलियाई व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण नए अवसर पैदा करती है।

ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय व्यवसायों के बीच सहयोग के लिए संभावनाओं को खोलती है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और बिल्ट एनवायरनमेंट फोकस का ऐसा ही एक सेक्टर है। उन्होंने कहा कि भारत की शहरी आबादी 2030 तक 59 करोड़ तक पहुंच जाएगी। तब तक शहर भारत की जीडीपी में 75 प्रतिशत का योगदान देंगे।  इसके विपरीत, एक अत्यधिक शहरीकृत ऑस्ट्रेलिया में शहरी बुनियादी ढांचे के डिजाइन और विकास में महत्वपूर्ण विशेषज्ञता है।

ऑस्ट्रेलियाई शहर नियमित रूप से सबसे अधिक रहने योग्य शहरों की सूची में सबसे ऊपर हैं। इसलिए यह सहयोग भारत को शहरी नियोजन और निकट भविष्य में स्मार्ट शहरों को विकसित करने के लिए व्यावहारिक समाधान देगा। इस प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में शिक्षा, पर्यटन, ऊर्जा और संसाधनों, और खाद्य और कृषि व्यवसाय के प्रमुख क्षेत्रों से ऑस्ट्रेलियाई व्यवसाय दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई की यात्रा करेंगे।

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