ऑटोमोबाइल कंपनियों ने लगाए 60 लाख से अधिक फास्टैग

नई दिल्ली। राजमार्गों के टॉल प्लाजा पर भुगतान का सरल बनाने के उद्देश्य से वाहनों में फास्टैग लगाने का काम ऑटोमोबाइल कंपनियों ने दिसंबर 2017 में शुरू कर दिया और अब तक करीब 60 लाख वाहना फास्टैग लगाये जाने का अनुमान है।

वाहन निर्माताओं के शीर्ष संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने सोमवार को जारी एक बयान में यह जानकारी देते हुए कहा कि ऑटोमोबाइल कंपनियां एक दिसंबर 2017 से निर्मित नए यात्री वाहनों, बसों और ट्रकों पर फास्टैग लगा रहे हैं। इससे इलेक्ट्रॉनिक टोल प्लाज़ा पर फास्टैग लेनदेनों का विकास सुनिश्चित हुआ है।

फास्टैग ‘डिजिटल इंडिया’ के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए भारत सरकार द्वारा उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। सियाम के अध्यक्ष राजन वधेरा ने का कि फास्टैग को 100 फीसदी लागू किए जाने से सड़क परिवहन क्षेत्र पर सकारात्मक सामाजिक एवं पर्यावरणी प्रभाव पड़ेंगे। इससे टॉल प्लाजा पर वाहनों के सुगम संचालन को सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे यात्रियों और वाहनों को निगर्मन समय में कमी आएगी ओर परिवहन की दक्षता बढ़ेगी।

परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सहयोग से टॉल प्लाजा पर फास्टैग जारी करने के लिए पहले से राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत कर चुका है, जिन्हें पुराने वाहनों पर लगाया जा रहा है। कई जारीकर्ता बैंक इस अभियान के कार्यान्वयन के लिए विभिन्न मीडिया चैनलों के माध्यम से सार्वजनिक जागरुकता बढ़ाने के लिए भी काम कर रहे हैं।

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