ब्रेंट क्रूड छू सकता है 75 डॉलर प्रति बैरल का लेवल, फंडामेंटल्स मजबूत - Naya India
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ब्रेंट क्रूड छू सकता है 75 डॉलर प्रति बैरल का लेवल, फंडामेंटल्स मजबूत

नई दिल्ली। कच्चे तेल की सप्लाई में कटौती जारी रहने और वैश्विक अर्थव्यवस्था में रिकवरी के साथ तेल की बढ़ती मांग के कारण बीते सप्ताह के आखिरी तीन सत्रों में बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड भाव करीब 12 फीसदी की उछाल के साथ 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। तेल में फंडामेंटल्स मजबूत होने से दाम में और तेजी के आसार बने हुए हैं।

बाजार के जानकार बताते हैं कि ब्रेंट क्रूड का भाव 75 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है और अमेरिकी लाइट क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का भाव 70 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर ब्रेंट क्रूड का मई डिलीवरी अनुबंध शुक्रवार को बीते सत्र से 4.20 फीसदी की तेजी के साथ 69.54 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि कारोबार के दौरान भाव 69.68 डॉलर प्रति बैरल तक उछला। लगातार तीन सत्रों में ब्रेंट का भाव 62.38 डॉलर प्रति बैरल से 7.31 डॉलर यानी 11.71 फीसदी की उछाल के साथ 69.68 डॉलर प्रति बैरल तक चढ़ा।

न्यूयार्क मर्के टाइल एक्सचेंज (नायमैक्स) पर डब्ल्यूटीआई का अप्रैल अनुबंध बीते सत्र से 3.81 फीसदी की तेजी के साथ 66.26 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट (एनजी एवं करेंसी रिसर्च) ओपेक प्लस द्वारा तेल की सप्लाई नहीं बढ़ाने पर सहमति बनने के बाद जोरदार तेजी आई है और यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है क्योंकि दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं में रिकवरी से तेल की खपत मांग बढ़ने की संभावना है।

आर्गेनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सर्पोटिंग कंट्रीज (ओपेक) और इसके सहयोगी यानी ओपेक प्लस की गुरुवार को हुई बैठक में ओपेक का मुखिया सउदी अरब ने रोजाना 10 लाख बैरल की कटौती को बरकरार रखने पर कायम रहा, जबकि रूस और कजाकिस्तान ने मामूली वृद्धि का विकल्प चुना। गुप्ता ने कहा कि कच्चे तेल के दाम में चार से पांच डॉलर प्रति बैरल तक का और उछाल देखने को मिल सकता है।

वहीं, केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का अनुमान है कि ब्रेंट क्रूड का भाव 75 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है और डब्ल्यूटीआई के दाम में भी 70 डॉलर प्रति बैरल तक की उंचाई देखने को मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में तेल के दाम में भारी गिरावट आ गई थी, जिससे हुए घाटे की भरपाई के लिए तेल प्रमुख उत्पादक देश दाम उंचा रखना चाहते हैं,इसलिए ओपेक की बैठक में सप्लाई में कटौती जारी रखने पर फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि प्रमुख तेल उत्पादक बेंट्र क्रूड का भाव 70 से 75 डॉलर प्रति बैरल के बीच रखने के पक्ष में हैं।

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