कोरोना के कहर से भारत में बढ़ी महंगाई

नई दिल्ली। चीन में महामारी की शक्ल ले रहे कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने का असर भारत में भी दिखने लगा है। कोरोना वायरस की वजह से चीन के साथ कारोबार बंद है और इस वजह से अनेक वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं। भारत में कई दवाओं की किल्लत हो रही है और खबर है कि पैरासिटामोल दवा की कीमतों में 40 फीसदी का इजाफा हुआ है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो अगले महीने से एलईडी बल्ब दस फीसदी तक महंगे हो सकते हैं।

इलेक्ट्रिक लैम्प एंड कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, ईएलसीओएमए ने चीन से सप्लाई घटने की वजह से कीमतें बढ़ने की आशंका जताई है। ईएलसीओएमए ने बताया है कि भारत में एलईडी बल्ब में इस्तेमाल होने वाले 30 फीसदी कंपोनेंट चीन से आते हैं, लेकिन अभी सप्लाई कम हो रही है। उसका कहना है कि सप्लाई में कमी की वजह से कनेक्टेड लाइटिंग सॉल्यूशंस और प्रोफेशनल लाइटिंग सेगेमेंट ज्यादा प्रभावित होगा। क्योंकि, इस सेगमेंट की निर्भरता आयातित उत्पादों पर ज्यादा है।

एलईडी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ज्यादातर कंपनियों के पास फरवरी तक का स्टॉक है। मार्च से जो उत्पाद बाजार में आएंगे उनकी कीमतें ज्यादा होंगी। बताया जा रहा है कि सप्लाई में कमी जनवरी में शुरू हो गई थी। उद्योग से जुड़े लोगों ने सोचा था कि थोड़े दिन में हालात सुधर जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हर हफ्ते स्टॉक घट रहा है। ऐसे में निर्माता ताइवान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया से कंपोनेंट मंगवाने की विकल्प भी तलाश रहे हैं।

दूसरी ओर ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन से आपूर्ति बाधित होने की वजह से भारत में पैरासिटामोल दवाओं की कीमत 40 फीसदी बढ़ गई है। बाजार के जानकारों का कहना है कि बैक्टीरिया इंफेक्शन के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन की कीमतें 70 फीसदी बढ़ गई हैं। अगर अगले महीने के पहले सप्ताह तक चीन से सप्लाई शुरू नहीं हुई तो पूरे दवा उद्योग में जरूरी कंपोनेंट की कमी हो सकती है।

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