कोरोना का कहर: ऑटो, टैक्सी, खोमचे वालों की कमाई पर असर

नई दिल्ली। कोरोना के कहर का असर ऑटो, टैक्सी और खोमचे वालों के साथ-साथ ट्यूशन टीचर की कमाई पर भी पड़ा है। कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार पूरी दुनिया में गहराता जा रहा है, जिसके कारण एहतियात के तौर पर लोगों ने घूमने-फिरने या खरीदारी करने घरों से निकलना बंद कर दिया है, जिससे ऑटो, टैक्सी चालकों और रेहड़ी, खोमचे वालों की कमाई काफी घट गई है। बिहार के मोतीहारी निवासी रामबाबू देश की राजधानी दिल्ली में कई साल से ऑटो चलाते हैं।

उन्होंने बताया कि जहां रोजाना वह 700-800 रुपये कमाते थे, वहां अब 200 रुपये कमाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि विदेशी पर्यटक तो नदारद हो गए हैं वहीं, दिल्ली के लोग भी घूमने-फिरने, खरीदारी करने के लिए नहीं निकल रहे हैं। अपना ड्राइवर्स एसोसिएशन एंड टैक्सी सर्विसेज के संजय अग्रवाल ने बताया कि बीते 15 दिनों से उनके कारोबार पर काफी असर पड़ा है क्योंकि लोगों ने घरों से बाहर निकलना कम कर दिया है और पर्यटक भी नहीं आ रहे हैं।

अग्रवाल ने बताया कि उनका कारोबार तकरीबन 80 फीसदी घट गया है। कई टैक्सी चालकों ने बताया कि कोरोनावायरस के कारण उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हुई है। दिल्ली में इंडियन ऑयल पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट राकेश चैधरी बताते हैं कि बीते कुछ दिनों से दिल्ली में डीजल और सीएनजी की बिक्री में 20 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। डीजल और सीएनजी की मांग में कमी से जाहिर होती है कि कोरोनावायरस के कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ऑटो-टैक्सी सेवा प्रभावित हुई है।

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उन्होंने बताया कि लंबी दूरी की यात्रा पर जाने वाली टैक्सियों में ईंधन के रूप में डीजल का इस्तेमाल किया जाता है जबकि दिल्ली-एनसीआर में संचालित लोकल टैक्सी में सीएनजी का इस्तेमाल किया जाता है और बीते कुछ दिनों में कि कोरोना वायरस के प्रकोप से परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने से वाहन ईंधनों की मांग घट गई है। कोरोना ने न सिर्फ ऑटो-टैक्सी चालकों व मालिकों के कारोबार को प्रभावित किया है बल्कि ट्यूशन टीचर की कमाई भी प्रभावित हुई है। नाम प्रकाशित नहीं करने के इच्छुक एक ट्यूशन टीचर ने बताया कि स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थान बंद होने के बाद अब लोगों ने अपने बच्चों का होम-ट्यूशन भी बंद करना शुरू कर दिया है।

उन्होंने बताया कि वह रोजाना पांच से छह ट्यूशन क्लास लेते थे, लेकिन इस समय सिर्फ एक ट्यूशन क्लास ले रहे हैं। रेहड़ी, पटरियों पर दुकान लगाने वालों व खोमचे वालों की कमाई पहले से कम हो चुकी है। नरेश कुमार नोएडा में ठेला लगाकर अंडा व ऑमलेट बेचता है, लेकिन वह बताता है कि जब से कोरोना वायरस का प्रकोप देश में बढ़ा है लोगों ने अंडा व ऑमलेट खाना कम कर दिया है, जिससे उसकी कमाई 50 फीसदी से भी ज्यादा घट गई है।

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