nayaindia एलटी फूड्स व जापानी कंपनी का संयुक्त उपक्रम बना दावत कमेडा - Naya India
kishori-yojna
कारोबार| नया इंडिया|

एलटी फूड्स व जापानी कंपनी का संयुक्त उपक्रम बना दावत कमेडा

नई दिल्ली। चावल और उस पर आधारित उत्पादों का कारोबार करने वाली भारतीय कंपनी एलटी फूड्स लिमिटेड ने जापानी कंपनी केमेडा सेका के साथ दावत कमेडा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम से संयुक्त उपक्रम बनाते हुए एक हजार करोड़ रुपए के भारतीय प्रीमियम हेल्दी स्नैक्स बाजार में राइस स्नैक्स ‘करी करी’ लांच करने की घोषणा की है। कंपनी ने बुधवार को यह घोषणा करते हुए कहा कि 70 करोड़ रुपए के निवेश से यह संयुक्त उपक्रम बनाया गया है।

इस उपक्रम ने 25 करोड़ रुपये के निवेश से हरियाणा के सोनीपत में स्नैक्स विनिर्माण संयंत्र लगाया है। एलटी फूड्स के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विजय कुमार अरोड़ा ने कहा कि उपभोक्ताओं की जरूरतों, पसंद और हेल्दी स्नैक्स की मांग के आधार पर करी करी को लांच किया गया है। इसके लिए जापानी कंपनी की प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करी करी को क्रिस्प चावल और मूंगफली से तैयार किए जाते हैं। भारतीय बाजार में यह चार अलग अलग स्वादों में अभी उपलब्ध होगा।

यह खबर भी पढ़े:- नेटवर्क 18 में हिस्सेदारी खरीदेगी सोनी कॉर्प

उन्होंने कहा कि अभी इसको आधुनिक रिटेल फार्मेट और ऑनलाइन मार्केटप्लेस के जरिये बेचने की योजना है और धीरे-धीरे इसका विस्तार किया जाएगा और पूरे देश में उपलब्ध कराया जाएगा। अगले वित्त वर्ष में 10 करोड़ रुपए और अगले पांच वर्षों में 130 करोड़ रुपए के कारोबार का लक्ष्य रखा गया है। अरोड़ा ने कहा कि सोनीपत संयंत्र में निर्मित स्नैक्स न:न सिर्फ देश में बल्कि पूरे उपमहाद्वीप, पश्चिम एशिया और अन्य देशों में चरणबद्ध तरीके से निर्यात भी किये जायेंगे।

कंपनी की योजना वर्ष 2024 तक 35 हजार आउटलेटों पर उपस्थिति दर्ज कराने की है। कमेडा सेका के ओवरसीज मैनेजर एवं दावत कमेडा के निदेशक जुन कोनो ने कहा कि उनकी कंपनी के चावल के स्नैक्स जापान में काफी लोकप्रिय है और चावल एवं मूंगफली से तैयार यह रोस्टेड हेल्दी स्नैक भारतीय युवाओं को पंसद आएगा।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

twelve + eighteen =

kishori-yojna
kishori-yojna
ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
मिस्र या भारत की धरोहर, कट्टरपंथ से नुक़सान
मिस्र या भारत की धरोहर, कट्टरपंथ से नुक़सान