जीएपीएल हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन सल्फेट का उत्पादन के लिए लाइसेंस हासिल में जुटी

पणजी। गोवा एंटीबायोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (जीएपीएल) कोरोना वायरस संक्रमण के उपचार के लिये जरूरी हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन सल्फेट का उत्पादन करने के लिये लाइसेंस हासिल करने की प्रक्रिया में जुट गई है।

जीएपीएल केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत आने वाली एचएलल लाइफकेयर लिमिटेड की एक अनुषंगी कंपनी एवं सार्वजनिक क्षेत्र का एक उपक्रम है। कंपनी की उत्तरी गोवा में एक उत्पादन इकाई है।

जीएपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेजु सकारिया ने कहा, ‘कंपनी के पास क्लोरोक्वीन सल्फेट ( हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन सल्फेट नहीं) का उत्पादन करने का लाइसेंस है लेकिन हमने पिछले 15 साल से इसका उत्पादन नहीं किया है। हालांकि, हमनें मौजूदा मांग को देखते हुए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन सल्फेट का उत्पादन करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, कंपनी की क्षमता प्रति महीने दो करोड़ गोलियां उत्पादन करने की है। हम इस क्षमता का उपयोग औषधि उत्पादन में कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने कोविड-19 के उपचार के लिये हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन सल्फेट को मंजूरी प्रदान की है।

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