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भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद; निफ्टी 24,000 के नीचे फिसला

Indian Stock Market

Maharashtra, Jan 18 (ANI): File photo of Bombay Stock Exchange (BSE) building as Sensex slips by 439.77 points, currently at 48,594.90. Nifty down by 152.45 points, currently at 14,281.25., in Mumbai on Monday. (ANI Photo)

भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 479.26 अंक या 0.63 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,009.70 और निफ्टी 118.00 अंक या 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,913.70 पर था।  

सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इटरनल, मारुति सुजुकी, अदाणी पोर्ट्स, एचयूएल, एनटीपीसी और एलएंडटी गेनर्स थे। ट्रेंट, भारती एयरटेल, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, टाइटन, एक्सिस बैंक, एमएंडएम, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक और एशियन पेंट्स लूजर्स थे। 

लार्जकैप की अपेक्षा व्यापक बाजार में तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 332.30 अंक या 0.54 प्रतिशत की तेजी के साथ 62,298.90 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 64.50 अंक या 0.35 प्रतिशत की मजबूती के साथ 18,267.20 पर था। 

सूचकांकों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। निफ्टी मेटल (1.10 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (0.58 प्रतिशत), निफ्टी कमोडिटीज (0.48 प्रतिशत),निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.27 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (0.14 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (0.07 प्रतिशत) की तेजी के साथ बंद हुआ। 

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दूसरी तरफ निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.05 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (0.65 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (0.62 प्रतिशत), निफ्टी सर्विसेज (0.60 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (0.52 प्रतिशत), निफ्टी पीएसई (0.50 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ बंद हुए। 

बाजार के जानकारों ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच ताजा हमले, कच्चे तेल में तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने से लार्जकैप में हल्की कमजोरी देखने को मिली है। हालांकि, मिडकैप शेयरों में मजबूती बनी हुई है और इस कारण इंडेक्स ने सत्र के दौरान नया ऑल-टाइम हाई बनाया। 

उन्होंने आगे कहा कि यह मजबूती घरेलू आय में संरचनात्मक विश्वास को दर्शाती है, जिसे विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की निकासी के बावजूद निरंतर घरेलू निवेशकों का समर्थन बना हुआ है, जिसने बाजार की भावना पर दबाव डाला है। हालांकि, साप्ताहिक आधार पर कच्चे तेल की कीमतें अभी भी कम होने के कारण, बाजार पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की एक महत्वपूर्ण संभावना पर निवेशक नजर बनाए हुए हैं।

Pic Credit : ANI

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