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आईटी शेयरों में बिकवाली और पश्चिम एशिया तनाव के चलते इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में आई भारी गिरावट

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के कारण इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। 

साप्ताहिक आधार पर प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 2.3 प्रतिशत और निफ्टी50 1.9 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा गिरावट नहीं आई। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2 प्रतिशत ही नीचे आया।

लिक्विडिटी के मामले में विदेशी निवेशकों (एफआईआई) ने इस हफ्ते 1,369 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि घरेलू निवेशकों (डीआईआई) ने 9,782 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।

सेक्टर के हिसाब से आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जिसमें करीब 10 प्रतिशत की गिरावट आई। यह गिरावट कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों के अनुमान के कारण आई, हालांकि इंफोसिस और टाटा कंसेल्टेंसी सर्विसेज के नतीजे ठीक रहे।

दूसरी ओर, एफएमसीजी जैसे उपभोक्ता सेक्टर ने अच्छा प्रदर्शन किया और कंपनियों ने डबल डिजिट ग्रोथ दिखाई। बीएफएसआई सेक्टर भी स्थिर रहा, जहां एसेट क्वालिटी ठीक बनी रही।

विश्लेषकों के अनुसार, पूरे हफ्ते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आई रुकावट के कारण निवेशकों में अनिश्चितता बनी रही।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने ज्यादा खरीदारी नहीं की, जिससे बाजार सीमित दायरे में नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करता नजर आया।

विश्लेषकों ने यह भी बताया कि लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव रहा, जबकि घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने गिरावट को कुछ हद तक संभाला।

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इस दौरान वेस्ट एशिया की घटनाएं भी बाजार पर भारी रहीं। पहले ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की घोषणा की, लेकिन बाद में अमेरिका की कार्रवाई के बाद फिर से प्रतिबंध लगा दिए गए, जिससे कच्चे तेल की कीमतें 15 प्रतिशत बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं।

इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चित समय के लिए बढ़ा दिया, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता और बढ़ गई।

इसके अलावा, निवेशक कंपनियों के वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही यानी जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजों पर भी नजर बनाए हुए हैं।

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 999.79 अंकों यानी 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,664.21 पर बंद हुआ, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 275.10 (1.14 प्रतिशत) अंक फिसलकर 23,897.95 पर पहुंच गया।

दिन के कारोबार के दौरान 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 77,483.80 पर खुलकर 1,260 अंक या 1.6 प्रतिशत गिरकर 76,403.87 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24,100.55 पर खुलकर 359 अंक या 1.5 प्रतिशत गिरकर 23,813.65 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया।

अगले हफ्ते निवेशकों की नजर भारत के मार्च 2026 के आईआईपी डेटा, अमेरिका, चीन और जापान के पीएमआई डेटा और अमेरिका के पीसीई महंगाई आंकड़ों पर रहेगी।

साथ ही, फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और यूरोपीय केंद्रीय बैंक जैसे बड़े केंद्रीय बैंक अपनी नीतियों की घोषणा करेंगे, जिस पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी।

Pic Credit : ANI

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