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ब्याज दर पर पलटी सरकार

नई दिल्ली। एक नाटकीय और हैरान करने वाले घटनाक्रम में केंद्र सरकार ने छोटी बचतों पर ब्याज दर घटाने का अपना आदेश वापस ले लिया है। कुल 24 घंटे पहले जारी आदेश को वापस लेते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आदेश गलती से जारी हो गया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार की सुबह ट्विट करके कहा कि सरकार पीपीएफ और एनएससी जैसी छोटी बचत योजनाओं में की गई बड़ी कटौती वापस लेगी। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि ऐसा गलती से हो गया था।

वित्त मंत्री ने भले कहा कि आदेश गलती जारी हो गया पर ऐसा माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल, असम सहित पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों में भाजपा को किसी नुकसान से बचाने के लिए ब्याज दरों में कटौती का फैसला वापस किया गया। इससे पहले बुधवार को छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले लोगों को झटका देते हुए सरकार ने लोक भविष्य निधि और राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र, किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि योजना, बचत खाते, सावधि जमा सहित अनेक लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में 1.1 फीसदी तक की कटौती की थी। सरकार के इस फैसले का करोड़ों लोगों की बचत पर बड़ा असर होता।

बहरहाल, घोषणा के एक दिन बाद गुरुवार को यह फैसला वापस लेने का ऐलान किया गया। गौरतलब है कि गुरुवार को पश्चिम बंगाल की 30 और असम की 39 सीटों पर मतदान हुआ। बंगाल की 30 सीटों में नंदीग्राम सीट पर भी मतदान हुआ, जहां से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं। मतदान शुरू होने से ठीक पहले केंद्र सरकार ने फैसला वापस लेने का ऐलान किया।

वित्त मंत्री सीतारमण ने गुरुवार की सुबह ट्विट किया- भारत सरकार की छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर वहीं रहेगी जो 2020-2021 की अंतिम तिमाही में थी, यानी जो दरें मार्च 2021 तक थीं। पहले दिया गया आदेश वापस लिया जाएगा। उन्होंने इसी ट्विट में आगे यह भी लिखा कि आदेश गलती से जारी हो गया था। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, पीपीएफ पर ब्याज 0.7 फीसदी कम कर 6.4 फीसदी कर दी गई थी, जबकि एनएससी पर 0.9 फीसदी कम कर 5.9 प्रतिशत कर दी गई थी।

गौरतलब है कि लघु बचत योजनाओं पर ब्याज तिमाही आधार पर अधिसूचित की जाती है। ब्याज में सबसे अधिक 1.1 फीसदी की कटौती एक साल की मियादी जमा राशि पर की गई थी। इस पर ब्याज 5.5 फीसदी से कम करके 4.4 फीसदी करने का फैसला किया गया था। पुरानी दरें बहाल होने के बाद पीपीएफ और एनएससी पर क्रमश: 7.1 फीसदी और 6.8 फीसदी की दर से सालाना ब्याज मिलता रहेगा। पांच वर्षीय वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के लिए ब्याज दर 7.4 फीसदी पर बरकरार रखी जाएगी।

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