मारुति सुजुकी के मानेसर प्लांट में सीमित उत्पादन शुरू

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने हरियाणा के मानेसर संयंत्र में 40 दिनों बाद, लगभग 2,000 कर्मचारियों के साथ फिर से परिचालन शुरू कर दिया है। कंपनी ने मंगलवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी है। कंपनी को 22 अप्रैल को सीमित संख्या में कर्मचारियों के साथ इकाई में उत्पादन शुरू करने के लिए स्थानीय प्रशासन से मंजूरी मिली थी। मंगलवार को काम पर आने वाले कर्मचारियों की संख्या मानेसर संयंत्र में कुल श्रमिकों का लगभग पांचवां हिस्सा है, जिसमें कुल 10,000-12,000 कर्मचारी हैं।

मारुति सुजुकी के अध्यक्ष आर.सी. भार्गव ने कहा, मानेसर प्लांट में परिचालन शुरू हो चुका है। हमने कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है, लेकिन यह बाजार की स्थितियों पर निर्भर करेगा। हम सरकार द्वारा निर्धारित सभी मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करेंगे। इसके अलावा, कंपनी ने गुरुग्राम सेक्टर 18 प्लांट में भी अपना उत्पादन शुरू कर दिया है, जहां काफी हद तक ऑल्टो और वैगनआर मॉडल बनाए जाते हैं।

साथ ही, महत्वपूर्ण उपकरणों की आपूर्ति करने वाले अधिकांश विक्रेताओं ने भी सीमित परिचालन शुरू कर दिया है मानेसर प्लांट में बड़ी संख्या में वाहनों का निर्माण होता है, जिसमें बड़े पैमाने में, डिजायर, एस-प्रेसो, सियाज और आर्टिगा का उत्पादन होता है। संयंत्र में प्रति वर्ष 8.80 लाख वाहनों की उत्पादक क्षमता है। वहीं गुरुग्राम संयंत्र की विनिर्माण क्षमता सात लाख यूनिट प्रति वर्ष है।कंपनी ने 6 मई को स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया था कि वह 12 मई से अपने मानेसर प्लांट का परिचालन फिर से शुरू करने जा रहे हैं। कर्मचारियों के सुरक्षा के लिए उच्चतम मानक और सभी गतिविधियों को सरकारी दिशानिदेशरें के अनुसार सख्ती से लागू किया जाएगा।

कंपनी ने एक बयान में कहा, “ऐसी स्थिति में, राष्ट्रीय नीति और सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए, हम प्लांट को श्रेणीबद्ध तरीके से फिर से शुरू करेंगे। हालांकि, कोरोना काल में हमें एहतियात के तौर पर ‘सोशल डिसटेंसिंग’ का पालन और आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है।

‘सोशल डिसटेंसिंग’ का पालन करते हुए, कंपनी 50 प्रतिशत से अधिक श्रमशक्ति के साथ काम नहीं करेगी। जारी किए गए सर्कुलेशन के अनुसार, कंपनी उन जगहों को चिन्हित करके निगरानी रखेगी, जहां भीड़ लगने की उम्मीद ज्यादा है। जैसे कि एंट्री गेट, बस स्टॉप, वाटर कूलर, कैंटीन जैसे सभी भीड़-भाड़ वाले इलाके। ऐसी जगहों पर दो मीटर की दूरी सुनिश्चित करने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग माकिर्ंग भी लगाई गई है।

जारी बयान में कहा गया है कि कर्मचारियों को एक शिफ्ट में काम करना होगा और वह वैकल्पिक दिन में काम करेंगे। स्क्रीनिंग और निगरानी के लिए सभी स्टाफ को आरोग्य सेतु का उपयोग करने की सिफारिश की गई है। इन-हाउस एप वेलनेस-मित्रा और अनिवार्य गैर-संपर्क शरीर के तापमान स्कैनिंग के माध्यम से कर्मचारी स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी रखी जाएगी।

कंपनियां अपने प्लांट्स में प्रोडक्शन शुरू कर रही हैं, साथ ही रिटेल आउटलेट भी खोल रही हैं। लॉकडाउन में ढील के बाद से मारुति ने 1650 कारों की डिलिवरी की। मारुति सुजुकी के उत्पादन शुरू करने की घोषणा के बाद कंपनी को 550 कारों की नई बुकिंग मिली है।

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