पेट्रोल दाम में मामूली गिरावट, डीजल स्थिर - Naya India
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पेट्रोल दाम में मामूली गिरावट, डीजल स्थिर

नई दिल्ली। पेट्रोल के दाम में दो दिनों की स्थिरता के बाद आज मामूली गिरावट दर्ज की गई, जबकि डीजल के दाम में लगातार तीसरे दिन कोई बदलाव नहीं हुआ। तेल विपणन कंपनियों ने दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम में पांच पैसे प्रति लीटर जबकि कोलकाता में छह पैसे प्रति लीटर की कटौती की है। हालांकि डीजल के दाम में स्थिरता बनी हुई है।

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल का दाम घटकर क्रमश: 74.95 रुपये, 77.61 रुपये, 80.60 रुपये और 77.92 रुपये प्रति लीटर हो गया है। चारों महानगरों में डीजल की कीमत पूर्ववत क्रमश: 66.04 रुपये, 68.45 रुपये, 69.27 रुपये और 69.81 रुपये प्रति लीटर पर बनी हुई है।

उधर, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में गुरुवार को तेजी का रुख बना हुआ था। इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज पर बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के फरवरी अनुबंध में बीते सत्र से 0.41 फीसदी की बढ़त के साथ 63.98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था।

वहीं, न्यूयार्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर अमेरिकी लाइट क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट के जनवरी डिलीवरी अनुबंध में 0.19 फीसदी की बढ़त के साथ 58.96 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था।

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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