रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह गिरफ्तार

नई दिल्ली। दवा की कंपनी रैनबैक्सी और फोर्टिस हेल्थकेयर के प्रमोटरों के परिवार में चल रहा विवाद ने एक दूसरा मोड़ लिया है। कंपनी के एक पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा, ईओडब्लु ने धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। उनके भाई मालविंदर सिंह भी इस मामले में आरोपी हैं और पुलिस उनको तलाश रही है। दिल्ली पुलिस ने शिविंदर के अलावा कवि अरोड़ा, सुनील गोधवानी और अनिल सक्सेना भी गिरफ्तार किया हैं।

रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड की शिकायत पर इनके ऊपर ये कार्रवाई की गई है। शिविंदर रेलिगेयर फिनवेस्ट के पूर्व प्रमोटर हैं। बाकी लोग भी कंपनी से जुड़े हुए थे। शिकायत के मुताबिक शिविंदर सिंह और अन्य लोगों पर 740 करोड़ रुपए की हेराफेरी करने के आरोप हैं। इस मामले में शिविंदर के भाई मलविंदर भी आरोपी हैं। खबरों के मुताबिक पुलिस मालविंदर की भी तलाश कर रही है।

गौरतलब है कि रेलिगेयर फिनवेस्ट ने दिसंबर में शिविंदर और मालविंदर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। साल 2016 में दोनों भाइयों ने फोर्ब्स की एक सौ सबसे अमीर भारतीयों की सूची में 92वें नंबर पर जगह बनाई थी। उस वक्त दोनों की संपत्ति 8,864 करोड़ रुपए थी। पिछले साल शिविंदर और मालविंदर सिंह पर आरोप लगे कि उन्होंने फोर्टिस के बोर्ड की मंजूरी के बिना पांच सौ करोड़ रुपए निकाल लिए। फरवरी 2018 तक मालविंदर फोर्टिस के कार्यकारी अध्यक्ष और शिविंदर गैर कार्यकारी उपाध्यक्ष थे। फंड की हेराफेरी करने के आरोपों के बाद दोनों को बोर्ड से निकाल दिया गया। शिविंदर और मालविंदर सिंह ने 1996 में फोर्टिस हेल्थकेयर की शुरुआत की थी। जापान की दवा कंपनी दाइची सैंक्यो ने 2008 में मालविंदर-शिविंदर सिंह से रैनबैक्सी को खरीदा था। बाद में दाइची ने आरोप लगाया कि सिंह बंधुओं ने रैनबैक्सी के बारे में अहम जानकारियां छिपाईं। उसने सिंगापुर ट्रिब्यूनल में शिकायत की थी।

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