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Wednesday, May 12, 2021
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शेयर बाजार में डूबे आठ लाख करोड़

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मुंबई। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाए जाने की खबरों के बीच शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट हुई। शुरुआती कारोबार में ही बांबे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक एक हजार अंक गिर गया। दोपहर तक इंडेक्स 48 हजार के नीचे आ गया। अंत में 17 सौ से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ शेयर बाजार बंद हुआ। इस वजह से एक दिन में शेयर बाजार में निवेशकों के आठ लाख करोड़ रुपए डूबे हैं।

सोमवार को बाजार 634.67 अंक नीचे 48,956.65 पर खुला था। इसके बाद दिन भर भारी गिरावट के बाद अंत में सूचकांक 1,707 अंकों की भारी गिरावट के साथ 47,883 पर बंद हुआ है। इससे निवेशकों के 8.4 लाख करोड़ रुपए डूब गए। इससे पहले 29 जनवरी को सूचकांक 48 हजार के नीचे 46,285 अंकों पर बंद हुआ था। 30 शेयरों वाले संवेदी सूचकांक में 29 शेयरों में गिरावट रही। इंडेक्स में इंडसइंड बैंक का शेयर सबसे ज्यादा 8.6 फीसदी नीचे आ गया है। वहीं, रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-वी को मंजूरी दिए जाने की खबरों की वजह से डॉ. रेड्डीज का शेयर 4.8 फीसदी ऊपर चढ़ कर बंद हुआ है।

सोमवार को निफ्टी भी 524 अंकों की गिरावट के साथ 14,310 पर बंद हुआ है। कारोबार के दौरान सूचकांक दिन के सबसे ऊपरी स्तर 14,652 तक भी पहुंचा। गौरतलब है कि देश में लगातार कोरोना के नए केस बढ़ रहे हैं। इसकी वजह से महाराष्ट्र में  लॉकडाउन लगाए जाने की खबर है। कई राज्यों में भी स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लगाया गया है। इसके अलावा दुनिया भर के शेयर बाजारों में भी गिरावट रही। उसका भी असर शेयर बाजार पर पड़ा।

यह भी कहा जा रहा है कि चौथी तिमाही के नतीजों से पहले निवेशक चिंता में हैं। लगातार दो तिमाहियों में अच्छे नतीजे के बाद चौथी तिमाही के दौरान कोरोना का असर देखने को मिल सकता है इसलिए निवेशक निवेश से पहले सतर्क हैं। बहरहाल, सोमवार की भारी गिरावट में बैंकिंग सेक्टर के शेयर सबसे आगे हैं। बैंकिंग शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह लॉकडाउन है, क्योंकि इससे बैंकिंग कारोबार पर असर पड़ रहा है।

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