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Saturday, April 10, 2021
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अपन तो कहेंगे

हे ईश्वर, मुझ हिंदू पर रहम करें!

हे प्रभु, हे सृष्टिकर्ता, हे जन्मदाता, हे पृथ्वीरूपे प्रकृति देवताओं, हे हिंदू ग्रह-नक्षत्र देवताओं, हे आदि हिंदुओं के सनातनी वेद, ज्ञान, विद्या रचियता संत-ऋषियों, सबसे इस अकिंचन हिंदू की प्रार्थना कि भविष्य वह न हो जो पिछले साल था, पिछले दशक था, पिछली सदी था, पिछली सहस्त्राब्दी था, पिछले चौदह सौ साल था!

खाई और गहरी व जिन्ना पैदा

सन् 2020 के 365 दिनों में भारत के टीवी चैनलों और मीडिया में खलनायक नंबर एक कौन था? कौन सी गाली सर्वाधिक हिट थी? देश की राजधानी दिल्ली में पानीपत की लड़ाई के मोहल्ले कौन से थे

भारत 2020: सूखे आंसू और बबूल की खेती

बूढ़ी अम्माओं के कातर चेहरे, नंगे-छिले पांव हजारों किलोमीटर पैदल चलते हुए और खेती की खुद्दारी में रोना रोते किसान चेहरों को याद करूं या शाम पांच बजे पांच मिनट तक ताली-थाली बजाने, फिर दीया जलाने वाले चेहरों को याद करूं

अमेरिका सत्यवादी व चीन झूठा प्रमाणित!

सत्य और झूठ, राम और रावण की फितरत में मनुष्य व्यवहार कैसे दो रूप लिए हुए है, उसमें इंसान का क्या बनता है

प्रकृति बनाम इंसान के वैश्विक युद्ध का वर्ष!

सन् 2020 कैसे मानव को याद रहेगा? अनुभव पर। 365 दिन के हम-आप सबके अनुभव में जो है वहीं पृथ्वी के आठ अरब लोगों में अधिकांश के अनुभव में है। इंसान बेफिक्री से सांस नहीं ले पाया।

जय हो हिंदू राजा मोदी की!

हम हिंदू धन्य हुए! 138 करोड़ भारतीयों का अहोभाग्य, जिनके राजा ने बड़े दिन क्या खूब बड़ा दिल दिखाया! प्रभु यीशु के दिन सांता क्लॉज को मात दे डाली

उफ! लॉकडाउन में क्रिसमस

ब्रिटेन क्रिसमस के दिन खुला हुआ नहीं होगा। ऐसे ही जर्मनी भी दस जनवरी तक लॉकडाउन में है। यूरोप के तमाम देशों में, अमेरिका में क्रिसमस और नए साल के स्वागत में वह कोई हुजूम नहीं होगा, वह उत्सव नहीं होगा जो इन अमीर, वैभवशाली ईसाई देशों की शान है, परंपरा है, जीने का अंदाज है।

मानों ‘ब्रेन डेड’ अवस्था और जीवन!

इस पृथ्वी पर भारत वह दास्तां है, जहां लोग लूट, गुलामी में होते हुए भी उसकी सुध में जीते हुए नहीं हैं। वजह गुलामी-लूट के चौदह सौ साल के झटकों से बनी ब्रेन डेड याकि मृत मष्तिष्क अवस्था है।

ईस्ट इंडिया कंपनी व अंबानी-अडानी में क्या फर्क?

अहम फर्क यह कि ईस्ट इंडिया कंपनी के मालिक गोरे अंग्रेज थे तो अंबानी-अडानी हिंदुस्तानी अश्वेत चेहरों वाले हैं। अन्यथा दोनों धंधे-मुनाफे के लिए किसी भी सीमा तक जाने वाले।

‘उत्तम खेती’ होगी चाकरी में कन्वर्ट!

किसान मौत का वारंट लटका बूझ रहा है तो मोदी सरकार किसानों के उड़ने की ‘एक नई आजादी’ के सपने में है। कौन सही-कौन गलत? पहले सरकार की दलीलों पर गौर करें।

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महाराष्ट्र में संपूर्ण लॉकडाउन के संकेत, सीएम उद्धव बोले- कोरोना की चेन तोड़ना जरूरी

मुंबई। कोरोना महामारी ने महाराष्ट्र में कहर बरपाते हुए सरकार की नींद उड़ा रखी है। कोरोना की रोकथाम के...