मोदी को भी नेहरू जैसा धोखा!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सन 2020 की गर्मियों में क्या वैसा ही महसूस कर रहे हैं, जैसा…

आइडिया ऑफ अमेरिका की परीक्षा!

फरीद जकारिया ने अपनी चर्चित किताब ‘पोस्ट अमेरिकन वर्ल्ड’ में बहुलता को, समावेशी समाज को, बिग…

देर आए पर दुरुस्त नहीं!

भारत में सब कुछ बहुत धीरे धीरे और ठहरे हुए अंदाज में होता है। कोरोना वायरस…

कौन गिद्ध है और कौन यमदूत?

देश के दूसरे नंबर के कानूनी अधिकारी तुषार मेहता ने पलायन कर रहे मजदूरों के मसले…

लॉकडाउन विफल होना क्या सच नहीं?

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रेस कांफ्रेंस की…

धारणा की लड़ाई हारती सरकार!

कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर तेजी से धारणाएं बदल रही हैं। ऐसा लग रहा है…

दो गज की दूरी के अजब-गजब नियम

कोरोना वायरस के संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में सोशल डिस्टेंसिंग एक अहम हथियार है। सारी दुनिया…

सबकुछ मजदूर संकट में बदल गया

कहां तो भारत को कोरोना वायरस से लड़ना था और कहां अब सारी लड़ाई मजदूरों के…

भारत है अव्यवस्था का नाम!

भारत महान के अनेक नाम हैं, जिनमें से एक नाम अव्यवस्था भी हो सकता है। भारत…

कोरोना के साथ रहना आसान नहीं

अंग्रेजी मुहावरे में एक कैच-22 सिचुएशन होती है, जिसे हिंदी में सांप-छुछुंदर की गति कहते हैं।…

मजदूरों को मदद नहीं हक दीजिए

देश के राजमार्गों पर 40 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में, जेठ की भरी दोपहरी में पैदल…

यह राहत नहीं मुसीबत है!

अब समय आ गया है कि इस बात पर चर्चा हो कि आखिर राहत पैकेज क्या…