विपक्ष को नौटंकी भी नहीं आती

अनेक राजनीतिक विश्लेषकों ने इधर कांग्रेस पार्टी के भविष्य पर प्रकाश डाला है। उसे प्रकाश कहें…

कार्यकर्ताओं का नमक व गोली दोनों खाना!

जब मैं पढाई कर रहा था तब पढ़ा था कि साहित्य समाज का दर्पण होता है।…

खलीफत आंदोलन की परिणती थी देश विभाजन

खलीफत-समर्थन से शुरू हुई अवसरवादी राजनीति की ही परिणति 1947 ई. का देश-विभाजन था। इस की…

दूर हुईं जर्मन चिंताएं?

जर्मनी की चांसलर अंगेला मैर्केल की भारत यात्रा खासी अहम रही है। जर्मन चांसलर के साथ…

पाकिस्तान में अपना खुद का कुछ नहीं

वर्ष 1947 से अबतक एक विषय भारतीय सार्वजनिक विमर्श में सतत रहा है और वह है…

मर्ज बढ़ता गया, ज्यों-ज्यों दवा की

दिल्ली की हवा जितनी जहरीली इस साल हुई है, वैसी पहले बहुत कम हुई है। पहले…

भाजपा का मोमेंटम टूटा!

मतलब कड़ाव का ऊबाल ठंडा हुआ! हरियाणा, महाराष्ट्र के चुनाव नतीजों और उसके बाद मोदी-शाह-भाजपा का…

कांग्रेस और विपक्ष किस मोड़ में?

पता नहीं! क्योंकि कांग्रेस में सोचने का मतलब सोनिया गांधी- अहमद पटेल और राहुल गांधी का…

यह जासूसी कौन करवा रहा है?

इस्राइल की एनएसओ नामक एक सॉफ्टवेयर कंपनी की एक जबर्दस्त तिकड़म अभी-अभी पकड़ी गई है। इस…

विकल्प हमेशा हैं

सबसे पहले तो मैं ईमानदारी बरतूंगी। न तो मैंने हरियाणा विधानसभा चुनाव कवर किया था, न…

मस्तमौला राजा और उदास प्रजा का देश

पिछले पांच साल में हम एक अजीबोग़रीब विरोधाभास के बीच से गुज़रे हैं। एक तरफ़ हमारे…

चूल्हा हिंदू बना तो जिम्मेवार कौन?

हम और आप 1947 के वक्त, वक्त की भयावहता को नहीं बूझ सकते। मगर इतिहास में…