टीएन शेषन से बदली व्यवस्था!

जब पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त तिरुनेल्लई नारायण (टीएन) शेषन के निधन की खबर पड़ी तो बहुत…

जीने के लिए मरने का अनुभव!

हमारे किसी चैनल पर आने वाले एक अपराध सीरियल के पहले एंकर जोर-जोर से कहता है…

भाजपा व शिवसेना के रिश्ते हमेशा ठने रहे!

राजनीति में कुछ कहावते बहुत चर्चित रहीं है। जैसे कि राजनीति संभावनाओं का खेल है। इसमें…

चिराग पासवान और परिवारवाद

सुनने में यह उपमा कुछ अजीब-सी लग सकती है मगर कुछ और याद ही नहीं आ…

वकील बनाम पुलिस में पहले भी…

कभी इस बात की कल्पना भी नहीं की थी कि एक दिन कानून के रक्षक पुलिस…

किसान की ठूंठ है दिल्ली का धुंआ

कुछ साल पहले तक टीवी पर चीन के शहरों की ऐसी तस्वीरे देखा करते थे जिनमें…

पाकिस्तान में फजलुर रहमान का बवाल

कुछ वर्ष पहले प्रेस क्लब में मौलाना फजलुर रहमान से मेरी मुलाकात वहां के एक आला…

कार्यकर्ताओं का नमक व गोली दोनों खाना!

जब मैं पढाई कर रहा था तब पढ़ा था कि साहित्य समाज का दर्पण होता है।…

अली बाबा के जैक मा और सुअर

एक व्यापारी मर कर ऊपर पहुंचा। वहां उसकी मुलकात, पाप-पुण्य का हिसाब-किताब रखने वाले चित्रगुप्त से…

नीरज बन गया नेता!

जब नीरज शर्मा के फरीदाबाद से जीतकर विधायक बनने की खबर आयी तो अचानक 10 साल…

शाकाहारी पशु का मांसाहारी बनना?

इसके पहले घास फूस खाने वाले जानवरों के बहुत कम ही मांसाहारी होने की बात सुनी…

भागवत का कहा और संघ व सिख

एक पुरानी कहावत है कि दूर के ढोल सुहावने होते हैं। जिसने यह कहावत बनाई वह…