मौसम का बदलना, वेनिस का डुबना

कई बार मुझे लगता है कि कहीं मैं पिछले जन्म में शुतुरमूर्ग तो नहीं था। वजह…

ट्रंप खत्म कर रहे भारतीयों के अवसर

कई साल पहले जब तत्कालीन दिल्ली सरकार ने परिवहन की सुविधा के मद्देनजर शहर के तिपाहियो…

पारे जैसी एकता और पारा

समय कितनी जल्दी बीत जाता है। कई बार लगता है कि जैसे कल की ही बात…

ऊंट भी इन दिनों मंदी के शिकार!

हाल में जब राजस्थान के प्रसिद्ध पुष्कर मेले में ऊंट की गिरती कीमत के बारे में…

खराब में से कम खराब चुन कर जीना!

अखबार में जब खबर पढ़ी कि खतरनाक हवा का शिकार बन रहे दिल्ली शहर ने राहत…

टीएन शेषन से बदली व्यवस्था!

जब पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त तिरुनेल्लई नारायण (टीएन) शेषन के निधन की खबर पड़ी तो बहुत…

जीने के लिए मरने का अनुभव!

हमारे किसी चैनल पर आने वाले एक अपराध सीरियल के पहले एंकर जोर-जोर से कहता है…

भाजपा व शिवसेना के रिश्ते हमेशा ठने रहे!

राजनीति में कुछ कहावते बहुत चर्चित रहीं है। जैसे कि राजनीति संभावनाओं का खेल है। इसमें…

चिराग पासवान और परिवारवाद

सुनने में यह उपमा कुछ अजीब-सी लग सकती है मगर कुछ और याद ही नहीं आ…

वकील बनाम पुलिस में पहले भी…

कभी इस बात की कल्पना भी नहीं की थी कि एक दिन कानून के रक्षक पुलिस…

किसान की ठूंठ है दिल्ली का धुंआ

कुछ साल पहले तक टीवी पर चीन के शहरों की ऐसी तस्वीरे देखा करते थे जिनमें…

पाकिस्तान में फजलुर रहमान का बवाल

कुछ वर्ष पहले प्रेस क्लब में मौलाना फजलुर रहमान से मेरी मुलाकात वहां के एक आला…