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नीतीश के पास ही रहेगा तीर छाप!

नई दिल्ली। जनता दल यू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव के दावे को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है। आयोग ने पार्टी और चुनाव चिन्ह पर उनके दावे को सही नहीं माना है और कहा कि पार्टी और चुनाव चिन्ह नीतीश कुमार खेमे के पास रहेंगे। शरद यादव खेमे ने करीब डेढ़ दर्जन राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों और राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के दस्तखत के साथ अपना दावा आयोग के सामने पेश किया था।

परंतु आयोग ने शुक्रवार को इस मामले में जदयू के बागी नेता शरद यादव की अगुवाई वाले गुट के पार्टी के चुनाव चिन्ह पर दावे को खारिज करते हुए नीतीश कुमार के गुट को ही वास्तविक जदयू बताया है। पार्टी के चुनाव चिन्ह तीर छाप पर दावे को लेकर दोनों गुटों की अर्जी पर दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आयोग ने कहा कि नीतीश गुट के पास पार्टी विधायक दल का पूरा समर्थन है। आयोग के इस आदेश के साथ ही बिहार में राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त जदयू पर नीतीश गुट के दावे की पुष्टि हो गई।

गौरतलब है कि बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले जदयू, कांग्रेस और राजद के साथ बने महागठबंधन को तोड़ कर नीतीश गुट के एनडीए में शामिल होने का शरद गुट लगातार विरोध कर रहा है। गुजरात से जदयू विधायक छोटूभाई बसावा के नाम से आयोग में शरद गुट ने अर्जी दायर कर पार्टी का चुनाव चिन्ह तीर का निशान उनके गुट को आवंटित करने का अनुरोध किया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग ने नीतीश कुमार के पक्ष में फैसला किया।

सुनवाई के दौरान शरद गुट ने आयोग के लामने पार्टी में संगठन के पदाधिकारियों और प्रदेश इकाईयों का समर्थन होने का दावा करते हुए उनकी अगुवाई वाले गुट को वास्तविक जदयू बताया। आयोग ने आदेश में कहा कि जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार को पार्टी की बिहार प्रदेश इकाई और विधायक दल का समर्थन हासिल है। आयोग ने नीतीश गुट की इस दलील को सही माना कि जदयू बिहार की पंजीकृत पार्टी है और इसी राज्य में पार्टी सत्तारूढ़ भी है, इसलिए दूसरे राज्यों के बजाय पार्टी की बिहार इकाई और विधायक दल के समर्थन वाले गुट को ही पार्टी का वास्तविक धड़ा माना जाए।

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