True love : भर्ती के समय ही डॉक्टरों ने दे दिया था जवाब, लेकिन संक्रमित पति की सेवा कर मौत के मुंह से बचा ले आई पत्नी.... - Naya India
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True love : भर्ती के समय ही डॉक्टरों ने दे दिया था जवाब, लेकिन संक्रमित पति की सेवा कर मौत के मुंह से बचा ले आई पत्नी….

Shahjahanpur: विवाह के संबंध में कहा जाता है कि यह सात जन्मों का बंधन होता है. हमारे देश में कई बार ऐसी मिसाले देखने को मिलती है जो इस बात को सिद्ध भी करती है. ऐसा ही एक दिल को झकझोर देने वाला मामला शाहजहांपुर से सामने आया है. जानकारी के अनुसार जब एक बुजुर्ग दंपत्ति मेरे पति को कोरोना हुआ तो पत्नी ने किसी भी कीमत पर पति के साथ रहने की ही जिद्द कर डाली. अस्पताल प्रबंधन के लाख समझाने के बाद भी वह अपने पति को अकेला छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुई और कोविड वार्ड में नियमित रूप से पति की सेवा करती रही. बता देखी बुजुर्ग महिला के पति को पहले से भी हार्ट और ब्लड प्रेशर की शिकायत थी इसके बावजूद पत्नी के प्रेम और सेवा की मदद से उसने कोरोना को हरा दिया और दोनों पति-पत्नी खुशी-खुशी अपने घर लौट आए.

पति के साथ निकल लिए 40 वर्ष अब जीना मरना सब साथ

65 वर्षीय श्याम प्रकाश त्रिपाठी को जब अस्पताल में भर्ती किया गया तो डॉक्टरों ने भी उम्मीद छोड़ दी थी. डॉक्टरों का कहना था कि शाम पहले से ही ब्लड प्रेशर और हार्ट के मरीज हैं ऐसे में उनका कोरोना से उबरना मुश्किल है. इन सब के साथ ही श्याम के शरीर में ऑक्सीजन लेवल में लगातार कमी हो रही थी. यही कारण था कि डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती करने के बाद ही परिजनों को जवाब दे दिया था. लेकिन इन सब के विपरीत श्याम प्रकाश त्रिपाठी की 58 वर्षीय पत्नी यह बात मानने को तैयार नहीं थी कि उनके पति अब अस्पताल से नहीं लौटेंगे. बुजुर्ग महिला का कहना था कि वह किसी भी कीमत में कोविड वार्ड में अपने पति को अकेले नहीं छोड़ेगी. जब डॉक्टरों ने महिला से कहा कि कोविड वार्ड में रहने से आप पर भी संक्रमण का खतरा है तो पत्नी ने साफ लहजे में कह दिया कि पति के साथ 40 साल बिता लिए, अब तो जीना मरना सब उन्हीं के साथ होगा.

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स्वास्थ्य विभाग भी जिद्द के आगे हारा

प्रकाश त्रिपाठी की पत्नी मीना त्रिपाठी के जिद्द को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिए. इसके बाद भी महिला ने हार नहीं मानी और मानवीय आधार पर पत्नी के लिखित निवेदन पर स्वास्थ्य विभाग को पत्नी को पति के साथ रहने दिया गया. यह पति पत्नी के प्यार का ही नतीजा था कि अन्य बीमारियों से ग्रसित होने के बाद भी श्याम ने कोरोना को मात दे दी और यह दंपत्ति खुशी-खुशी घर लौट गया. श्याम त्रिपाठी की रिकवरी रेट को देखते हुए डॉक्टर भी आश्चर्यचकित हो गए. डॉक्टर से बात करने पर उन्होंने बताया कि इसमें कोई शक नहीं कि दवाओं के साथ-साथ दुआओं का भी असर होता है.

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