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Rajasthan: तो क्या अब राजस्थान में ‘खेला’ की तैयारी, कैबिनेट विस्तार में हुई देरी से से नाराज है पायलट खेमा

जयपुर | राजस्थान में समय-समय पर अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच का विवाद सामने आता रहा है. हालांकि अब तक कांग्रेस के आलाकमानो ने इस सियासी टशन को अपने खेमे तक ही सीमित रखा है. कैबिनेट विस्तार को लेकर अब राजस्थान के कुछ विधायकों के सब्र का बांध टूटता का जा रहा है. माना जा रहा है कि सचिन पायलट जमीनी स्तर पर अपनी सियासत मजबूत करने में जुटे हुए हैं. वहीं दूसरी ओर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी काफी सख्त नजर आ रहे हैं. सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार पंजाब की ही तरह राजस्थान में भी पायलट गुट के विधायक एक बार फिर से बगावत कर सकते हैं.

महीने के अंत तक नहीं हुआ कैबिनेट विस्तार तो बगावत

राजस्थान में लंबे समय से कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासत गर्म है. मीडिया सूत्रों के अनुसार माना जा रहा है कि अगर इस महीने के अंत तक कैबिनेट का विस्तार नहीं किया गया तो संभवत: जुलाई के समय पायलट गुट के विधायक बगावत कर सकते हैं. राजस्थान की राजनीति को करीब से जानने वालों का कहना है कि सचिन पायलट डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष का पद में जाने के बाद से लगातार खुद को तैयार कर रहे हैं. जानकारों का कहना है कि पायलट राजस्थान के पूर्वी भाग और गुर्जर वोट बैंक को मजबूत करने में लगे हुए हैं.

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स्वास्थ्य और परिवाहन मंत्री ने पायलट से की थी मुलाकात

अशोक गहलोत सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा और परिवहन मंत्री प्रताप सिंह ने हाल में ही सचिन पायलट से मुलाकात की है. इस मुलाकात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. कहा जा रहे है कि सचिन पायलट अपने पुराने नेताओं और साथियों को साधने में लगे हुए हैं. बता दें कि पिछले साल भी सचिन पायलट खेमे के विधायकों ने बगावत किया था और करीब डेढ़ दर्जन विधायक राजस्थान छोड़कर चले गए थे. उस समय भी कांग्रेस पार्टी के आलाकमानों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ था.

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ममता ने मोदी पर किया हमला

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जम्मू कश्मीर को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला किया है। जिस समय राज्य की पार्टियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक चल रही थी उसी बीच उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध किया और कहा कि इसे हटाने से दुनिया में भारत की बदनामी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस अनुच्छेद को हटाना कश्मीरियों की आजादी छीनने के बराबर है।

केंद्र सरकार पर हमला करते हुए ममता बनर्जी ने कहा- जिस तरह से वैक्सीन के लिए देश की बदनामी हुई, उसी तरह अनुच्छेद 370 हटाने पर भी देश की बदनामी हुई है। प्रधानमंत्री की मीटिंग के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा- क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू कश्मीर के लोगों को बुला कर कश्मीर पर मीटिंग कर रहे हैं। राज्य का दर्जा वापस लिए जाने की क्या जरूरत थी। लोगों को पहले आजादी चाहिए। आपने आजादी छीन ली। ये फैसला देश के किसी काम नहीं आया और दो साल तक जम्मू कश्मीर में कोई टूरिस्ट भी नहीं जा पाया है। देश की बहुत बदनामी हुई है।

ममता बनर्जी केंद्र सरकार और भारतीय जनत पार्टी पर हमला जारी रखते हुए कहा- भाजपा हर किसी को एंटी नेशनल बोलती है और खुद को ही नेशनलिस्ट बताती है। जो भी आवाज उठाने की कोशिश करता है, उसे एंटी नेशनल और टेररिस्ट घोषित कर देती है। जो लोग देश के लोगों को एक वैक्सीन भी नहीं दे सकते हैं। लाशें गंगा में बहती रहती हैं, उनका रिकॉर्ड भी मिटा देते हैं, वो इतनी बड़ी-बड़ी बातें कैसे करते हैं?

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