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Bihar मधुबनी हत्याकांड के विरोध में Rajasthan से गए करणी सैनिकों ने मचाया हंगामा, एक घर में लगा दी आग

karni sena lokendra singh kalvi

पटना | मधुबनी हत्याकांड मामले में राजस्थान से गए लोकेंद्र सिंह कलवी और महिपाल सिंह मकराना जैसे नेताओं सहित करणी सेना के सदस्यों ने शुक्रवार को गयवापुर गांव में जाकर हंगामा किया और एक घर में आग लगा दी। गयवापुर होली के दिन 29 मार्च को मोहम्मदपुर में हुई नरसंहार की घटना के मुख्य आरोपी प्रवीण झा उर्फ रावण का गांव है। इस जघन्य वारदा में पांच लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई थी।

इस मामले के तहत राजस्थान से गए करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कलवी सहित राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना, बिहार प्रदेश अध्यक्ष बीके सिंह और करणी सेना के हजारों समर्थकों ने मोहम्मदपुर गांव जाकर पीड़ितों के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। पटना लौटते वक्त उनके द्वारा गयवापुर गांव पर हमला करने की जानकारी मिली है। कहा जा रहा है कि एक घर में आग भी लगा दी। यह घर चंद्रशेखर मिश्रा का है। बताया जा रहा है चन्द्रशेखर मिश्रा का मोहम्मदपुर नरसंहार से लेना-देना नहीं है।

गौरतलब है कि बिहार पुलिस ने इस मामले के सभी आरोपियों की संपत्तियों व घरों को पहले ही जब्त कर लिया है और इसके साथ ही प्रवीण झा उर्फ रावण के घर को ध्वस्त कर दिया गया है। करणी सेना द्वारा किए गए हमले के बाद गयवापुर गांव में भारी मात्रा में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। आपको याद रहे कि होली के दिन 29 मार्च को बिहार के मधुबनी ज़िले के बेनीपट्टी थाना के मोहम्मदपुर गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी। मधुबनी पुलिस के मुताबिक़ इस जघन्य हत्याकांड की वजह आपसी रंजिश है।

इस केस के 35 नामज़द अभियुक्तों में से 11 को गिरफ़्तार किया जा चुका है। परन्तु केस का मुख्य नामज़द अभियुक्त रावण अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। यह हत्याकांड इस वक्त बिहार की राजनीति का केन्द्र बना हुआ है। मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचे प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने इसे नरसंहार बताया है और उन्होंने पुलिस और प्रशासन के साथ भाजपा के स्थानीय विधायक पर भी अभियुक्तों को संरक्षण देने के आरोप जड़े। हालांकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि वारदात की जांच कराई जा रही है और तीव्र ट्रायल चलाकर इसकी सुनवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि किसी भी दोषी को बख़्शा नहीं जाएगा।

मठ की जमीन को लेकर रंजिश
स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार इस वारदात की वजह दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश है। यह रंजिश एक मठ (मंदिर) की ज़मीन को लेकर है। इस पर मठ के महंत का क़ब्ज़ा था। पिछले साल नवंबर में भी मठ की ज़मीन पर बने पोखरे से मछली पकड़ने को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। उस मामले के एक अभियुक्त अभी भी जेल में बंद हैं। मधुबनी के एसपी डॉ सत्य प्रकाश का कहना है कि घटनास्थल से कुल 5 बाइक, गोली के आठ खोखे, एक मोबाइल, ख़ून लगे लोहे के दो रॉड और ख़ून लगी मिट्टी बरामद की गई है।

फोरेंसिक जाँच से सब कुछ साफ़ हो जाएगा। एसपी का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह हत्याकांड पोखर से मछली पकड़ने को लेकर हुई मारपीट का नतीजा है। हालांकि तात्कालिक कारण गुटखा खरीदने को लेकर हुआ विवाद भी रहा है। यह भी कहा जा रहा है अभियुक्त पक्ष के लोगों ने महंत के बेटे की गुमटी से गुटखा ख़रीदा, लेकिन पैसे देने से इंकार कर दिया। इस बात पर लड़ाई हुई। इसके थोड़ी देर बाद अभियुक्तों की ओर से दो दर्जन से अधिक हथियारबंद अपराधियों ने महंत के परिजनों पर हमला कर दिया।

मधुबनी हत्याकांड में सबसे अधिक चर्चा पीड़ितों और अभियुक्तों की जाति को लेकर हो रही है। कहा जा रहा है कि दोनों पक्षों की लड़ाई जातिगत वर्चस्व की लड़ाई भी थी। पीड़ित परिवार राजपूत जाति से है वहीं अभियुक्त ब्राह्मण हैं। इन दोनों पक्षों के बीच मठ का महंत बनने को लेकर कई पीढ़ियों से लड़ाई थी। मधुबनी हत्याकांड के बाद करणी सेना का दूसरा संगठन अखिल भारतीय करणी सेना भी काफ़ी सक्रिय है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने इस मामले पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा है कि सात दिनों के भीतर अभियुक्तों की गिरफ़्तारी नहीं हुई तो उनका संगठन इसे लेकर बड़ा आंदोलन करेगा। आने वाले वक़्त में इस मामले में पुलिस क्या कार्रवाई करती है।

By Pradeep Singh

Experienced Journalist with a demonstrated history of working in the newspapers industry. Skilled in News Writing, Editing. Strong media and communication professional. Many Time Awarded by good journalism. Also Have Two Journalism Fellowship. Currently working with Naya India.

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