लालू ने पार्टी नेताओं को दी नसीहत

Must Read

पटना। हाल ही में जेल से छूटे लालू प्रसाद अब दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स से डिस्चार्ज हो गए हैं और रविवार को करीब साढ़े तीन साल के बाद उन्होंने पार्टी नेताओं को संबोधित किया। हालांकि यह संबोधन वर्चुअल था पर इसे लेकर राजद नेताओं में खासा उत्साह था। लालू प्रसाद करीब साढ़े तीन साल बाद अपनी पार्टी के नेताओं से रूबरू हुए। हालांकि वे खराब तबियत की वजह से तीन-चार मिनट से ज्यादा नहीं बोल पाए। उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं को जनता के बीच जाने और उनकी मदद करने को कहा।

लालू प्रसाद ने पार्टी के करीब डेढ़ सौ नेताओं के साथ वर्चुअल मीटिंग में कोरोना से परेशान बिहार के लोगों के प्रति चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्वस्थ होते ही वे पार्टी के लोगों के बीच में आएंगे। लालू प्रसाद ने कहा- आप सभी पूरी तरह से अपने गरीब लोगों की सेवा करिए। लाखों लाख लोगों की मौत हुई है। चारों तरफ तबाही है। ऐसे समय में आपका फर्ज होता है कि जितना हो सके, जनता के बीच जाकर उनकी सेवा करिए। हम बीमार हैं, इस स्थिति में कहीं नहीं जा रहे हैं। जैसे ही ठीक होंगे, आप सबके बीच आएंगे।

इससे पहले बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मीटिंग शुरू करते हुए कहा कि बिहार में सरकारी अस्पतालों की स्थिति इतनी खराब है कि जनता वहां नहीं जाना चाहती है। सरकार कोरोना में हर तरह से विफल हो रही है। राष्ट्रीय जनता दल हर तरह से मदद कर रहा है। बहरहाल, राजद प्रमुख लालू प्रसाद की वर्चुअल मीटिंग में पार्टी के विधायक, पार्षद और हारे हुए प्रत्याशियों सहित कुल 144 नेता जुड़े।

गौरतलब है कि लालू प्रसाद चारा घोटाले से जुड़े तीन मामलों में सजायाफ्ता हैं और रांची की जेल में पिछले साढ़े तीन साल से बंद थे। उन्हें अब तीनों मामलों में जमानत मिल गई है। उनके जमानत पर छूटने के बाद सभी को लालू प्रसाद की राजनीतिक गतिविधियां शुरू होने का इंतजार था। हालांकि वे अपनी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी की नजर में भी होंगे।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

साभार - ऐसे भी जानें सत्य

Latest News

Corona Update: संक्रमण की दर पांच फीसदी से नीचे, रिकवरी रेट में लगातार सुधार

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की दर शनिवार को लगातार छठे दिन पांच फीसदी से नीचे...

More Articles Like This