nayaindia Can't direct schools to reopen : स्कूल फिर से खोलने का निर्देश नहीं दे सकते
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राज्यों को स्कूल फिर से खोलने का निर्देश नहीं दे सकते: SC

दिल्ली |  कोरोना की दूसरी लहर के जाने के बाद एक बार फिर से कोरोना के मामलों में इजाफा होने लगा है। विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ते हुए केस तीसरी लहर की दस्तक है। ऐसे में स्कूल के खोलने पर विचार किया जा रहा था। लगभग सभी राज्यों में स्कूल खोले जा चुके है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को स्कूलों को फिर से खोलने का निर्देश देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने केंद्र और राज्य को स्कूलों को फिर से खोलने के संबंध में समयबद्ध निर्णय लेने का निर्देश देने वाली याचिका को खारिज करते हुए ऐसा कहा। यह जनहित याचिका दिल्ली के एक छात्र ने दायर की थी। मार्च-मध्य 2020 से कोविड -19 महामारी के कारण स्कूल बंद हैं। ( Can’t direct schools to reopen)

Can't direct schools to reopen

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 स्कूल खोलने के लिए एक विकेंद्रीकृत दृष्टिकोण

जबकि कुछ राज्य चरणबद्ध तरीके से स्कूलों को फिर से खोल रहे हैं। छात्रों के लिए शारीरिक कक्षाओं में भाग लेना अनिवार्य नहीं है। स्कूलों को ऑनलाइन और फिजिकल दोनों क्लास एक साथ जारी रखने को कहा गया है। जबकि चिकित्सा विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि तीसरी लहर की बहुत कम संभावना है, स्कूलों को फिर से खोलना स्थानीय अधिकारियों द्वारा किया गया एक विकेंद्रीकृत निर्णय है। एक विशेष साक्षात्कार में, ICMR के पूर्व वैज्ञानिक डॉ रमन गंगाखेडकर ने कहा कि स्कूल खोलने के लिए एक विकेंद्रीकृत दृष्टिकोण होना चाहिए। एक निश्चित क्षेत्र में मामलों की संख्या के आधार पर निर्णय (स्कूल खोलने के लिए) लिया जाना चाहिए।

शिक्षकों हुई हालात खराब ( Can’t direct schools to reopen)

शारीरिक कक्षाओं को फिर से खोलने की मांग की गई है। खासकर समाज के कमजोर वर्गों के छात्रों के लिए क्योंकि वे सीखने के नुकसान का सामना कर रहे हैं। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के एक सर्वेक्षण से पता चला है कि 92 प्रतिशत बच्चों ने कम से कम एक भाषा की क्षमता खो दी है। जबकि 82 प्रतिशत ने स्कूल बंद होने के बीच उचित शिक्षा की कमी के कारण गणित कौशल खो दिया है। स्कूल नहीं खुलने के कारण बच्चों को शिक्षकों दोनों का बहुत नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार शिक्षकों को कोरोना काल के दौरान सैलरी नहीं दी गई है। ऑनलाइन क्लास वालों को तो सैलरी दी गई है। स्पोर्ट्स वालों को किसी प्रकार की सैलरी नहीं दी गई है जिससे कई शिक्षकों को बहुत बुरी हालत हुई है। ( Can’t direct schools to reopen)

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