SC imposes fine on Railways : 2008 में 5 घंटे लेट हुई थी ट्रेन, 13 साल केस...
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उपभोक्ता और जागरूकता : 2008 में 5 घंटे लेट हुई थी ट्रेन, 13 साल केस लड़ने के बाद SC ने भी कहा हर्जाना तो बनता है…

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नई दिल्ली | SC imposes fine on Railways : भारतीय रेलवे को दुनिया की सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क कहा जाता है. यह सच भी है क्योंकि भारत में प्रत्येक दिन जितने यात्री ट्रेन में सफर करते हैं उतना शायद ही किसी और देश में करते हों. लेकिन इतने बड़ा नेटवर्क होने के बावजूद ट्रेन के लिए प्रतीत होने के कारण आम लोगों को कई तरह की परेशानियां उठानी पड़ती हैं. ज्यादातर मामलों में भारतीय रेलवे इस संबंध में कोई भी उचित कारण नहीं बता पाता. दूसरी ओर लेट लतीफ होने के बावजूद लोगों के पास इतना वक्त नहीं होता कि वह रेलवे को सबक सिखा सके. लेकिन रमेश चंद्र नाम के एक व्यक्ति ने रेलवे से ट्रेन लेट होने के कारण ₹40000 हर्जाना वसूल किया है. इसके लिए रमेश को लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी.

SC imposes fine on Railways :

क्या है मामला

SC imposes fine on Railways : यह पूरा मामला 2008 का है. रमेश चंद्र और कंचन चंद्र नाम के दो व्यक्तियों को 12 अप्रैल 2008 को प्रयागराज एक्सप्रेस से दिल्ली आना था. ट्रेन के दिल्ली पहुंचने का समय सुबह 6:50 था लेकिन ट्रेन 5 घंटे लेट से दिल्ली पहुंची. इस कारण रमेश और कंचन की कोच्चि की फ्लाइट छूट गई थी. इससे नाराज होकर दोनों उपभोक्ताओं ने रेलवे के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न और पीड़ा का केस दर्ज कराया था. उन्होंने रेलवे से 19 लाख रुपए की मुआवजे की मांग की थी. हालांकि इस लड़ाई में उन्हें 19 लाख तो नहीं मिले फिर भी रेलवे की गलती करार देते हुए कोर्ट ने ₹40000 का भुगतान करने का आदेश दिया है.

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13 साल तक लड़ी लड़ाई, SC तक पहुंचा केस

SC imposes fine on Railways : यह मामला 2008 का है और 13 सालों तक रमेश चंद्र और कंचन चंद्र ने या लड़ाई लड़ी है. इस मामले में रेलवे ने भी दोनों को परेशान करने मैं कोई कसर नहीं छोड़ी. ये मामला लखनऊ स्थित राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग से होता हुआ देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गया. हालांकि पहले ही राष्ट्रीय आयोग ने रेलवे को ₹40000 देने का फैसला सुना दिया था लेकिन रेलवे कहां मानने वाला था. इस मामले पर रेलवे ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी डाल दी. सुप्रीम कोर्ट ने भी रेलवे को दो टूक देते सुनाते हुए उसी फैसले को सुरक्षित रखते हुए कहा कि ट्रेन लेट होने से नुकसान हुआ है तो हर्जाना तो भरना पड़ेगा.

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