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Covid-19 Pandemic : 2021 में कोरोना वायरस लौटा है दुगनी ताकत के साथ, जानें कुछ महत्वपुर्ण बातें

कोरोना वायरस आये दिन देश में नया रिकॉर्ड बना रहा है। एक दिन में कोरोना के 3,15हजार मामले सामने आ रहे है। और 2 हजार लोग अपनी जान गवां रहे है। भारत में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है। जो पहले के कोरोना के बेहद खतरनाक है। कोरोना की पहली लहर में बुजुर्गो और पहले से ग्रसित किसी बीमारी वाले लोगों पर अपना प्रभाव डाल रहा था। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर युवा और बच्चों पर कहर डाल रहा है। वर्ष 2021 का कोविड-19 वायरस शक्तिशाली है जो इस बार हमारे लंग्स (फेफड़ों) को 40% ज़्यादा डैमेज कर रहा है। पहले, संक्रमण के वायरस जहां सातवें दिन लंग्स पर असर डालता था लेकिन अब तीसरे दिन से ही यह लंग्‍स को ‘प्रभावित’ कर रहा है। इस बार बड़ी संख्या में युवाओं को भी रेमडेसिविर और ऑक्‍सीजन की ज़रूरत पड़ रही है जबकि पिछली लहर में ऐसा नहीं था।  पिछली बार को कोरोना में मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ रही थी। इस बार की स्थिति किसी से छुपी नहीं है।

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विशेषज्ञों की राय

मुंबई के डॉ सुहास चौधरी कहते हैं कि इस बार का वायरस ज्‍यादा शक्तिशाली है। आयुष अस्पताल के डॉ. चौधरी कहते हैं कि कोविड अफ़ेक्टेड पेशेंट के सीटी स्‍कैन को देखें तो ये पूरा वाइट और पैची दिखता है, इसको हम Ground-glass opacity कहते हैं। इस वक़्त जो केसस मिल रहे हैं उसमें Ground-glass opacity या Pneumonitis, ये संक्रमण काफ़ी इक्स्टेन्सिव मात्रा में पाया जा रहा है। इनको काफ़ी एक्सटेंसिव मात्रा में इन्फ़ेक्शन है। CT  स्कोर 25 तक मार्क करते हैं, जितना ज़्यादा स्कोर उतना ज़्यादा सिवीयरिटी।

कोरोना इस बार तीसरे दिन ही लंग्स को कर रहा डैमेज

मुंबई के बड़े अस्पतालों से जुड़े विशेषज्ञ भी मानते हैं कि इस बार लंग्स पर 40% ज़्यादा असर है। युवा मरीज़ के लंग्स भी इस बार ज़्यादा रफ़्तार से डैमेज हो रहे हैं Wockhardt हॉस्पिटल के कन्सल्टंट फ़िज़िशन डॉ. प्रीतम मून ने कहा कि कोरोना की इस नई वेव में लंग्स का इन्वॉल्व्मेंट पिछली लहर से ज़्यादा है। लगभग 40% ज़्यादा है। पिछले साल जो लंग्स डैमेज का ट्रेंड था, उसमें सातवें दिन से डैमेज शुरू होता था लेकिन इस बार हम देख रहे हैं कि लंग्स डैमेज तीसरे या चौथे दिन ही शुरू हो रहा है।  इन्फ़ेक्शन तेज़ी से फैलने के कारण रेमडेसिविर और ऑक्सिजन की ज़रूरत इस बार मरीज़ों में ज़्यादा लग रही है।

कोरोना दूसरी लहर में युवाओं पर डाल रहा घात

फ़ोर्टिस हीरानंदानी के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड, डॉ शकील अहमद भी इसकी पुष्टि करते हैं।उन्‍होंने कहा कि पहले, बुजुर्ग, डायबिटिक, हार्ट-किड्नी के कंडीशन वाले मरीज़ गंभीर होते थे लेकिन इस बार काफ़ी यंग लोगों को सिवीयर लंग डैमेज हो रहा है। अभी उम्र का कोई क्रायटेरिया नहीं है। कोई भी मरीज़ कभी भी बीमार हो रहा है। यही वजह है कि इस बार रेमडेसिविर-ऑक्‍सीजन की खपत बहुत हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, पिछली लहर में एक हफ़्ते में दिखने वाला लंग्स डैमेज इस बार संक्रमण से तीसरे दिन ही दिख रहा है ऐसे में उन लाखों लोगों को ज़्यादा सावधानी बरतनी है जो होम आईसोलेशन में हैं।

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