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18 नवम्बर से दिल्ली में शुरू होगा कृषि सांख्यिकी सम्मेलन

नई दिल्ली। कृषि को नयी दिशा देने और नीति निर्धारण में सुगमता के लिए देश में पहली बार आठवां अंतरराष्ट्रीय कृषि सांख्यिकी सम्मेलन (आईकास) 18 से 21 नवम्बर तक यहां होगा ।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक और आईकास के आयोजन समिति के प्रमुख त्रिलोचन महापात्रा ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सम्मेलन में दुनिया में कृषि से संबंधित आकड़ों के इकट्ठा करने की पद्धति और इसके विश्लेषण के आधुनिक तरीकों से देश के वैज्ञानिकों को जानकारी मिल सकेगी ।

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उन्होंने कहा कि आकड़ों के विश्लेषण के बिना सटीक नीति निर्धारण नहीं किया जा सकता है । सम्मेलन के 18 नवम्बर को उदघाटन के अवसर पर कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर , बिल एंड मिलिंडा फाउंडेशन के संस्थापक बिल गेट्स ,संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन तथा कई अन्य संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे । सम्मेलन में 108 देशों के करीब 200 वैज्ञानिकों के अलावा देश के 600 से अधिक वैज्ञानिक हिस्सा लेंगे । सम्मेलन के दौरान कुल 44 तकनीकी सत्र होंगे ।

डा महापात्रा ने बताया कि कृषि में सांख्यिकी की मदद से भारी बदलाव किया जा सकता है । इससे भूख और बच्चो एवं महिलाओं में कुपोषण की समस्या के समाधान में काफी हद तक मदद मिल सकती है । सम्मेलन के दौरान दुनिया में हो रहे जलवायु परिवर्तन में कृषि सांख्यिकी की क्या भूमिका होगी इस पर भी चचा की जायेगी । चर्चा के दौरान जिन नये तथ्यों का खुलासा होगा उससे छात्र छात्राएं , वैज्ञानिक खासकर युवा वैज्ञानिकों को सिखने का अवसर मिलेगा ।

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बाद में इसका लाभ शिक्षा के क्षेत्र में भी होगा । देश के विभिन्न हिस्सों से युवा वैज्ञनिकों को इस आयोजन के लिए आमंत्रित किया गया है । उन्होंने कहा कि आंकड़ों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का लाभ लिया जा सकता है । सरकार रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करना चाहती है जिसके लिए आंकड़ों का होना बहुत महत्वपूर्ण हीै ।

देश में 50 साल से कृषि से संबंधित आकड़े जुटाये जा रहे हैं लेकिन इन्हें डिजिटल नहीं किया गया है । बिल एंड मिलिंडा फाउंडेशन की प्रतिनिधि पूर्वी मेहता ने कहा कि सांख्यिकी के माध्यम से नीति निर्धारण में मदद के साथ साथ किसानों की आय दाुगुनी करने में भी सहायता मिलेगी । कृषि सांख्यिकी में भारी संभावनायें हैं और इस अवसर का लाभ उठाया जाना चाहिये । इस सम्मेलन से विश्व में एक नया संदेश जायेगा ।

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