कोरोना का कहर : अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 20 दिनों में 26 प्रोफेसर की कोरोना से मौत, किसी नए वैरिएंट की आशंका जताई जा रही - Naya India
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कोरोना का कहर : अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 20 दिनों में 26 प्रोफेसर की कोरोना से मौत, किसी नए वैरिएंट की आशंका जताई जा रही

लगभग सवा साल से भारत कोरोना महामारी से जूझ रहा है। भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर चल रही है। लगातार नये-नये वैरिएंट सामने आ रहे है। ताजा मामला अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी से जुड़ा है। अब अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में कोविड-19 के नए वैरिएंट को लेकर चिंता बढ़ गई है और यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर तारिक मंसूर ने इस संबंध में आईसीएमआर को नमूनों की जांच के लिए एक पत्र भेजा है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पिछले 20 दिनों में 26 प्रोफेसर की मौत की खबर सामने आयी है।  भारत में एक दिन में 4 लाख पार मामले मिल रहे है। लेकिन अभी भी भारत में कोरोना का पीक नहीं आया है। और वैज्ञानिकों के अनुसार भारत में तीसरी लहर दस्तक देने वाली है। दिल्ली में कोरोना अपना आतंक मचा रखा है। दिल्ली में कोरोना मरीजों को समय पर ऑक्सीजन ना मिलने के कारण अबतक हजारों मौत हो चुकी है। दिल्ली में आये दिन कोरोना को नया वैरिएंट सामने आता है।

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ICMR से प्रमाणित लैब ने इकट्ठा किए हैं सैंपल

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पिछले कुछ दिनों में हुई मौतों के बाद एएमयू में बनी आईसीएमआर से प्रमाणित लैब ने सैंपल इकट्ठा किए हैं। यूनिवर्सिटी के वीसी तारिक मंसूर ने आईसीएमआर के डीजी प्रो. बलराम भार्गव को पत्र लिखकर कहा है कि जितना जल्द हो सके, कोविड सैंपल्स की जीनोम स्टडी कराएं, जिससे यह पता चल सके कि क्या यूनिवर्सिटी में कोविड का नया वैरिएंट विकसित हुआ है। इस खबर के बाद से यूनिवर्सिटी में शोक और भय का माहौल बन गया है।

20 दिन में 26 प्रोफेसर्स की मौत

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटीमें 20 दिनों के अंदर 26 प्रोफेसर्स की मौत हो चुकी है, जिसमें 16 वर्किंग और 10 रिटायर्ड फैकल्टी मेंबर्स शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एएमयू के कुलपति तारिक मंसूर के बड़े भाई की भी कोरोना वायरस की चपेट में आने से मौत हो चुकी है।ये सभी लोग यूनिवर्सिटी के कैंपस में ही रहते थे। इस खबर के बाद से पुरे कैंपस में कोरोना का अलर्ट ज़ारी कर दिया गया है। सभी प्रोफेसर की मौत कोरोना के कारण हुई है। युनिवर्सिटी के वीसी का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में प्रोफेसर की मौत कहीं कोरोना के किसी नए वैरिएंट के कारण तो नहीं हुआ है। विशेषज्ञों द्वारा इस बात की जांच की जा रही है।

आईसीएमआर या सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

यूनिवर्सिटी के वीसी तारिक मंसूर ने नए वैरिएंट की आशंका जताई है और इकट्ठा किए गए सैंपल्स को जांच के लिए दिल्ली में सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ जिनॉमिक्स ऐंड इंटीग्रेटिव बायॉलजी में भेजा है। उन्होंने इस बात का शक जताया है कि मौतों के आंकड़ों में वृद्धि कोरोना वायरस के किसी नए वैरिएंट के कारण हो रहा है। हालांकि अभी तक आईसीएमआर या सरकार की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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