ईडी ने लिया अहमद पटेल का बयान - Naya India
देश | दिल्ली | समाचार मुख्य| नया इंडिया|

ईडी ने लिया अहमद पटेल का बयान

नई दिल्ली। सीमा पर चीन के साथ चल रहे विवाद और कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर कांग्रेस की ओर से भाजपा पर हो रहे हमले के बीच प्रवर्तन निदेशालय, ईडी की टीम ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के कोषाध्यक्ष अहमद पटेल से पूछताछ की। ईडी की एक टीम स्टर्लिंग बायोटेक कंपनी के संदेसरा बंधुओं से जुड़े धनशोधन मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का बयान दर्ज करने के लिए शनिवार को उनके दिल्ली स्थित आवास पहुंची।

अधिकारियों ने बताया कि तीन सदस्यों की टीम दिल्ली के 23, मदर टेरेसा क्रिसेंट स्थित अहमद पटेल के आवास पहुंची। इस टीम ने धनशोधन रोकथाम कानून, पीएमएलए के तहत उनका बयान दर्ज किया। ईडी ने अहमद पटेल को इस मामले में पूछताछ के लिए दो बार तलब किया था, लेकिन उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को घर में ही रहने की सलाह देने वाले कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का हवाला दिया था और पूछताछ टाल दी थी।

उनके अनुरोध को एजेंसी ने स्वीकार कर लिया था और उन्हें सूचित किया था कि वह उनसे पूछताछ के लिए एक जांच अधिकारी को भेजेगी। बहरहाल, यह मामला गुजरात स्थित स्टर्लिंग बायोटेक द्वारा करोड़ों रुपए की कथित बैंक धोखाधड़ी व धनशोधन को लेकर संदेसरा बंधुओं यानी चेतन और नितिन संदेसरा और कई अन्य के खिलाफ जांच के जुड़ा है।

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

});