UP Election 2022 : उत्तर प्रदेश तो बहाना है, सबको दिल्ली जाना है...
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UP Election 2022 : ‘उत्तर प्रदेश’ तो बहाना है, सबको ‘दिल्ली’ जाना है…

UP Election 2022 :

नई दिल्ली | UP Election 2022 : हाल के दिनों में देश की राजनीति में कई बड़े बदलाव देखने को मिला है. एक और देश की सबसे पुरानी पार्टी होने का दावा करने वाले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) सभी विपक्षी नेताओं को चाय समोसा खिला रहे हैं. तो वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बंगाल से खदेड़ने के बाद ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) दिल्ली में अपनी पिच तैयार कर रही हैं. ऐसा नहीं है कि यही दोनों नेता अपनी गोटियां सेट करने में लगे हुए हैं. चारा घोटाला मामले में जेल से बाहर आए लालू प्रसाद यादव (Lalu prashad Yadav) एक बार फिर से सक्रिय नजर आ रहे हैं. हाल ही में उन्होंने मुलायम सिंह यादव से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर चर्चा की थी. इधर, महाराष्ट्र में NCP प्रमुख शरद पवार हर संभव प्रयास करने में लगे हैं. देश की विपक्ष की राजनीति समीकरण जो भी हो लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश तो बहाना है, सबको दिल्ली जाना है.

UP Election 2022 :

विपक्ष चेहरा बनने की है होड़

UP Election 2022 : विपक्ष की सभी पार्टियों के प्रमुख नेता पिछले कुछ दिनों में कुछ ज्यादा ही एक्टिव नजर आ रहे हैं. इसके पीछे का कारण भी स्पष्ट नजर आता है लगभग सभी पार्टियों ने अपनी मंशा साफ कर दी है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में वे एकजुट होकर भाजपा को हराने में लग जाएंगे. ऐसे में विपक्ष का चेहरा बनने की होड़ लगना स्वाभाविक है. अब इसमें कौन आगे होता है कौन पीछे ये तो आने वाला समय ही बताएगा. लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि भाजपा को खेल में परमानंद मिलने वाला है. इसके पीछे का कारण भी यह है कि अभी लोकसभा चुनाव होने में काफी समय है. तब तक भाजपा पार्टियों में फूट डालने के लिए हर संभव प्रयास करेगी.

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उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें

केंद्र में शासन करने की इच्छा रखने वाली राजनीतिक पार्टियों के लिए यह रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर ही जाता है. उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में लोकसभा की 80 सीटें हैं. ऐसे में स्वाभाविक है कि सभी पार्टियां यहां अपना प्रभाव दिखाने का प्रयास करने वाली है. ममता बनर्जी उत्तर प्रदेश में कुछ खास नहीं कर सकेंगी. लेकिन दीदी ने विधानसभा चुनाव में भाजपा को करारी हार देकर अपनी दावेदारी बुलंद कर दी है. बता दें कि पश्चिम बंगाल में भी लोकसभा की 42 सीटें हैं जो समीकरण को साधने के लिए बड़ा अहम रोल निभाने वाली है.

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