nayaindia Fight against drug addiction in Jammu and Kashmir जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थों की लत के खिलाफ सामूहिक लड़ाई का संकल्प
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जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थों की लत के खिलाफ सामूहिक लड़ाई का संकल्प

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के रियासी में नशे को नहीं, जिंदगी को हां पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें निजी और सरकारी शिक्षण संस्थानों के सैकड़ों बच्चों ने भाग लिया और नशीली दवाओं के खतरे के खिलाफ सामूहिक रूप से लड़ने का संकल्प लिया। संगोष्ठी का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वैश्विक शांति संगठन (Global Peace Organization) के सहयोग से किया गया था। विशेष अतिथि रहे जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के जस्टिस मोहम्मद अकरम चौधरी (Muhammad Akram Choudhary) ने कहा, ड्रग्स समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है, भविष्य भी खतरे में है। युवा, जो देश का भविष्य हैं, नशे के कारण अपनी प्रतिभा खो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशा किसी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर और कस्बे के साथ-साथ दूरदराज के गांव भी इसकी चपेट में हैं।

एक समय था जब माता-पिता बेटे के लिए भीख मांगते थे, और आज समय आ गया है कि कई माता-पिता जिनके बच्चे नशे के शिकार हो गए हैं, वह चाहते हैं कि उनके बच्चे मर जाएं। वह प्रार्थना कर रहे हैं क्योंकि नशे की लत ने उनके जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। न्यायमूर्ति ने कहा कि व्यसन के लिए कोई एक कारक जिम्मेदार नहीं है और न ही इसे किसी एक व्यक्ति की सक्रिय भूमिका से मिटाया जा सकता है। इसके लिए बहुआयामी रणनीति की जरूरत है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि माता-पिता को अपने बच्चों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए और अगर उनके बच्चे इसके शिकार हो गए हैं, तो पीड़ित को एक रोगी के रूप में समझें और बिना समय बर्बाद किए प्रभावी उपचार के लिए कदम उठाएं। साथ ही सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ड्रग्स की मांग को जितना हो सके कम किया जाए, आपूर्ति अपने आप कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि एक समय चीन नशे की चपेट में था, वहां की सरकार ने बढ़ती मांग को कम कर दिया, जिससे खुद ही स्थिति नियंत्रण में आ गई। न्यायाधीश ने नैतिक शिक्षा, धार्मिक शिक्षाओं पर भी जोर दिया और कहा कि, धार्मिक शिक्षाओं (Religious Teachings) को लागू करके हम इस तरह की महामारी से खुद को बचा सकते हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर.एन. वाटल (RN Wattle), जिला विकास आयुक्त अध्यक्ष बबीला रकवाल (Babila Rakwal), एसएसपी अमित गुप्ता (Amit Gupta), बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शालंदर भारद्वाज (Shalandar Bhardwaj) अन्य अतिथि थे।

ग्लोबल पीस ऑर्गनाइजेशन (Global Peace Organization) के चेयरमैन एडवोकेट शेख अल्ताफ हुसैन (Sheikh Altaf Hussain), वाइस चेयरमैन एडवोकेट राशि बैरोन भी संगोष्ठी में शामिल हुए। इससे पहले न्यायमूर्ति मुहम्मद अकरम चौधरी ने जिला मुख्यालय का दौरा किया जहां गार्ड ऑफ ऑनर (Guard of Honour) दिया गया और एक पौधा भी लगाया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों और बार एसोसिएशन के सदस्यों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। उन्होंने जनरल जोरावर सिंह ट्रस्ट द्वारा आयोजित सभागार के बाहर अठारहवीं और उन्नीसवीं सदी के डोगरा शासकों द्वारा इस्तेमाल की गई दुर्लभ वस्तुओं की प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया। गवर्नमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल (Government Boys Higher Secondary School) रियासी के छात्रों ने ड्रग्स पर एक स्किट और रैप सॉन्ग पेश किया। छात्रों के बीच नशा विरोधी जागरूकता पैम्फलेट भी वितरित किए गए और उन्हें नशा उन्मूलन में अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक भूमिका निभाने की शपथ दिलाई गई। (आईएएनएस)

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