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Jharkhand : IAS पूजा सिंघल के पास से मिले थे करोड़ों, नाम जोड़े जाने के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने दी सफाई…

IAS Pooja Singhal :
Image Source : Social Media

रांची | IAS Pooja Singhal : झारखंड ने वरिष्ठ IAS ऑफिसर पूजा सिंघल के पास से मिले 25 करोड़ से ज्यादा की राशि पर सियासत गर्म हो गई है. दूसरे दिन शुक्रवार को भी प्रवर्तन निदेशालय ने पूजा सिंघल के अन्य ठिकानों पर छापेमारी की. बता दें कि ED ने पूजा सिंघल के सीए सुमन सिंह के भाई पवन सिंह को भी हिरासत में लिया था. इसके बाद शुक्रवार को सुमन सिंह को भी हिरासत में ले लिया गया है. रांची के बरियातू रोड में स्थित पल्स हॉस्पिटल में ED की छापेमारी लगातार दूसरे दिन भी जारी रही. प्रवर्तन निदेशालय को पूजा सिंघल के घर से जो कागजात मिले हैं उसके अनुसार वह महाराष्ट्र के एक अस्पताल में इन्वेस्टमेंट करने की तैयारी में थी. पूजा सिंघल को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का काफी करीबी बताया जा रहा है. यही कारण है कि झारखंड समेत पूरे देश में हेमंत सोरेन के खिलाफ विपक्ष एकजुट खड़ा हो गया है.

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अगले सप्ताह तक होगी सुनवाई

IAS Pooja Singhal : ऐसे में सीएम हेमंत सोरेन ने उनके नाम पर खनन पट्टा आवंटन मामले में झारखंड उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका को अपने राजनीतिक विरोधियों का षड्यंत्र बताया है. उन्होंने अपने जवाब में कहा कि उन्हें बदनाम करने की साजिश है जबकि इसमें मुख्यमंत्री पद के दुरुपयोग का कोई मामला नहीं बनता. हालांकि, झारखंड उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायमूर्ति एस. एन. प्रसाद की की पीठ के आज उपलब्ध नहीं होने के कारण मामले में पूर्वनिर्धारित आज की सुनवाई स्थगित हो गयी और अब इस मामले में सुनवाई अगले सप्ताह होने की संभावना है.

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जनहित याचिका को बताया तथ्य से परे

IAS Pooja Singhal : मुख्यमंत्री सोरेन ने आरोप लगाया है कि मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंड पीठ के समक्ष उनके खिलाफ रांची के अनगड़ा में पत्थर की खदान के लीज आवंटन मामले में दाखिल जनहित याचिका तथ्य से परे है. उन्हें सिर्फ बदनाम करने की उनके राजनीतिक विरोधियों की साजिश है. सोरेन ने अपने जवाब में इस जनहित याचिका को जनहित याचिका की व्यवस्था का दुरुपयोग बताते हुए याचिकाकर्ता के खिलाफ सख्ती का भी अदालत से अनुरोध किया है.

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