Kangana Ranaut Freedom India : Kangana Ranaut ने पूछा -1947 में कौन..
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Kangana Ranaut का दिखा वहीं अंदाज, आलोचकों से पूछा- 1947 में कौन सी जंग हुई थी ?

Kangana Ranaut In trouble

नई दिल्ली | Kangana Ranaut Freedom India : आजादी पर दिए गए बयान के बाद घिरी कंगना रनौत की अपने बयान से पीछे हटने का नाम नहीं ले रही हैं. कंगना के बयान के कारण सोशल मीडिया से लेकर राजनीति में घमासान छिड़ा हुआ है. एक बार फिर से कंगना का बयान आया है, उन्होंने कहा है कि 1947 में कौन सी लड़ाई लड़ी गई थी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई उनके सवाल का जवाब दे सके तो वह अपना पद्मश्री सम्मान लौटा देंगी और माफी भी मांगेंगी. बता दें कि कंगना के बयान के विरोध में कांग्रेस ने उनसे पद्मश्री सम्मान वापस लेने की मांग कर दी है.

Kangana Ranaut Freedom India :

आजादी को “भीख” बताने पर हो रही है आलोचना

Kangana Ranaut Freedom India : अक्सर अपने बयानों को लेकर विवादों में रहने वाली कंगना इस बार आजादी को लेकर दिए गये एक बयान को लेकर चर्चा में है. कंगना ने कहा था कि भारत को 1947 में भीख में आजादी मिली थी. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि भारत को असली आजादी 2014 में मिली थी. इसके बाद से कंगना की लगातार आलोचना की जा रही है. खासकर कांग्रेस के नेता कंगना को आड़े हाथों ले रहे हैं. भाजपा सांसद वरूण गांधी ने भी इसे दिमागी दिवालियापन बताया था. जिसके बाद कंगना ने उनपर भी टिप्पणी कर दी थी.

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महात्मा गांधी पर की टिप्पणी

Kangana Ranaut Freedom India : कंगना ने इंस्टाग्राम पर सवाल उठाते हुए कहा था कि महात्मा गांधी पर भी आरोप लगाया था कि उन्होंने भगत सिंह को मरने दिया और सुभाष चंद्र बोस का समर्थन नहीं किया. उन्होंने बाल गंगाधर तिलक, अरबिंदो घोष और बिपिन चंद्र पाल समेत कई स्वतंत्रता सेनानियों को उद्धृत करते हुए एक किताब का अंश भी साझा किया और कहा कि वह 1857 की “स्वतंत्रता के लिए सामूहिक लड़ाई” के बारे में जानती थीं लेकिन 1947 के लड़ाई के बारे में कुछ नहीं जानती थीं. कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज में अंग्रेजी में एक लंबी पोस्ट में लिखा कि सिर्फ सही विवरण देने के लिए 1857 स्वतंत्रता के लिए पहली सामूहिक लड़ाई थी और सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई और वीर सावरकर जी जैसे महान लोगों ने अपना दिया.

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