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भाजपा सरकार ने किए पिछड़ा वर्ग के हित में प्रयास, निकाय चुनाव में दिलाया आरक्षण

सीहोर/भोपाल। कांग्रेस की सरकारों का रवैया पिछड़ा वर्ग के प्रति असहयोगात्मक रहा है। लेकिन भाजपा की सरकार बनने के बाद देश की राजनीति और पिछड़ा वर्ग की स्थिति में युगांतरकारी परिवर्तन आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के आने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर पिछड़ा वर्ग की बेहतरी के लिए प्रयास शुरू किए गए। यही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश में अगर निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग को आरक्षण का लाभ मिल सका है, तो इसका श्रेय भी भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के प्रयासों को जाता है। यह बात पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन केंद्रीय मंत्री प्रहलादसिंह पटेल, प्रदेश महामंत्री रणवीरसिंह रावत एवं प्रदेश के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्रसिंह ने विभिन्न सत्रों में संबोधित करते हुए कही।

प्रधानमंत्री मोदी जी ने दिलाया पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा: प्रहलादसिंह पटेल

प्रशिक्षण वर्ग के सातवें सत्र में ‘केंद्र एवं प्रदेश सरकार की पिछड़ा वर्ग केंद्रित योजनाएं’ विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने पिछड़ा वर्ग के लिए कुछ नहीं किया। विशेषकर कांग्रेस की सरकारों का रवैया पिछड़ा वर्ग के प्रति असहयोगात्मक रहा है। उन्होंने कहा कि यदि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी नहीं होते तो पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्राप्त नहीं होता। अब यह एक सर्वाधिकार प्राप्त आयोग बन गया है। पटेल ने कहा कि पिछड़े वर्ग को लेकर हमारी केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारें बहुत सारी योजनाओं पर काम कर रही हैं। यह हमारा दायित्व है कि पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता इन योजनाओं का अध्ययन करें तथा इन योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाएं। केंद्रीय मंत्री पटेल ने उदाहरण देते हुए बताया कि पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए दो तरह की छात्रवृत्ति योजनाएं चल रही हैं-प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक। पिछले वर्ष छात्रवृत्ति के तौर पर प्रदेश सरकार ने 135.52 करोड़ रुपये दिये थे और इस साल के लिए प्रदेश सरकार ने 160 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। इसके अलावा 10वीं एवं 12वीं कक्षाओं में प्रावीण्य सूची में आने वाले 207 विद्यार्थियों को भी प्रदेश सरकार ने 1500000 रुपये दिये हैं। प्रदेश सरकार पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में 100 सीटर छात्रावास तथा छात्राओं के लिए 500 सीटर छात्रावास संचालित कर रही है। वहीं केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति, फैलोशिप छात्रवृत्ति और ओवरसीज छात्रवृत्ति दी जा रही है। पटेल ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के विकास के लिए समाज में जागरूकता के प्रयास करना होंगे, ताकि वे योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवनस्तर को ऊपर उठा सकें।

सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर आगे बढ़ रही मोदी सरकार: रणवीर सिंह रावत

भाजपा के प्रदेश महामंत्री रणवीर सिंह रावत ने आठवें सत्र में ‘2014 के बाद युगांतरकारी परिवर्तन’ विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद देश में आमूलचूल परिवर्तन आए हैं। देश ने हर क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की हैं। रावत ने कहा कि कांग्रेस सरकारों के समय देश में परिवारवाद और भ्रष्टाचार की बातें हुआ करती थीं। गैर भाजपाई सरकारें देश में अलगाववाद और तुष्टिकरण की राजनीति करती रहीं। वहीं, जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है, देश में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की बातें होने लगी हैं। रावत ने कहा कि मोदी सरकार की योजनाएं ‘सबका साथ सबका विकास’ पर आधारित हैं, जिनके माध्यम से देश विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद देश का जीडीपी बढ़ा है और भारत एक आर्थिक महाशक्ति के तौर पर उभर रहा है। वैश्विक पटल पर भारत का मान-सम्मान बढ़ा है और देश विश्व में एक प्रभावी भूमिका का निर्वाह कर रहा है। रावत ने कहा कि मोदी सरकार के कुशल नेतृत्व में देश ने कोरोना संकट पर जिस तरह विजय हासिल की, वह सारी दुनिया के लिए एक उदाहरण बन गया है। हमने न सिर्फ अपने लिए वेक्सीन बनाई, बल्कि अन्य देशों को भी वेक्सीन देकर महामारी से लड़ने में मदद की। रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्वगुरु बनने के रास्ते पर बढ़ चला है।

भाजपा सरकार, मुख्यमंत्री चौहान ने दिलाया निकाय चुनाव में आरक्षण: भूपेंद्रसिंह

प्रशिक्षण वर्ग के नौंवें सत्र में ‘ स्थानीय निकाय चुनाव में पिछड़ा वर्ग आरक्षण में भाजपा सरकार की भूमिका’ विषय पर बोलते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्रसिंह ने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव में पिछड़ा वर्ग को आरक्षण मिलना प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के भागीरथ प्रयासों और कभी न हारने वाले जज्बे की जीत है। उन्होंने कहा कि 2019 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पंचायतों के परिसीमन का निर्णय लिया। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया कि निकाय चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएंगे। 2020 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद 2014 के समय के परिसीमन के आधार पर चुनाव कराने का निर्णय लिया गया। इसके लिए प्रदेश सरकार एक अध्यादेश भी लाई। कांग्रेस की कोशिश थी कि किसी भी तरीके से इन चुनावों को रोका जाए। इसके लिए कांग्रेस के दो प्रवक्ता जय ठाकुर और सलीम जाफर ने हाईकोर्ट में याचिका लगा दी। हाईकोर्ट से याचिका रद्द होने के बाद कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट गई। सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सांसद विवेक तन्खा ने महाराष्ट्र का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए आरक्षण के साथ चुनाव न कराने की बात कही, जिसे मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कर दिया।

भूपेंद्रसिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद हमारे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने यह तय किया कि हम पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के बिना चुनाव नहीं कराएंगे। इसके लिए उन्होंने अपनी सरकार का वह अध्यादेश वापस ले लिया, जिसके आधार पर 2014 के परिसीमन पर चुनाव हो रहे थे। इससे चुनाव रद्द हो गए। इसके बाद की कहानी मुख्यमंत्री चौहान के कभी न परास्त होने वाले जज्बे की कहानी है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका लगाई जो तर्क, तथ्य तथा साक्ष्य प्रस्तुत किए, उनके आधार पर सुप्रीम कोर्ट को आरक्षण के साथ चुनाव कराने का आदेश देना पड़ा। मध्यप्रदेश सरकार के हित में सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला एक नजीर बन गया है और विभिन्न राज्य सरकारें भी मध्यप्रदेश आकर यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि आखिर मध्यप्रदेश यह कैसे कर पाया। सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के डेढ़ महीने के अंदर पंचायत और निकाय चुनाव कराए और इन दोनों ही चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को शानदार सफलता मिली है।

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