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जल जीवन मिशन चर्चा पर पकड़ा गया झूठ

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की जमीनी हालात की नब्ज टटोलने की कवायद जारी है। वे जिले स्तर और गांव की स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं। इस बात का खुलासा हुआ है सोमवार को उनके अनूपपुर जिले की समीक्षा के दौरान। एक अफसर ने झूठ बोला और वह पकड़ा गया, परिणामस्वरुप अफसर को माफी मांगना पड़ी। मौका था जिला अफसरों के साथ अनूपपुर जिले के कामों की समीक्षा का। मुख्यमंत्री चौहान के साथ भोपाल (Bhopal) में पंचायत विभाग (Panchayat Department) के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव (Umakant Umrao) के साथ मनीष सिंह (Manish Singh) व नीरज मंडलोई (Neeraj Mandloi) और जिले के अधिकारी वीडियो कॉफ्रेंसिंग (video conferencing) के जरिए जुड़े।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने नल से जल पहुंचाने की येाजना की चर्चा की तो कार्यपालन यंत्री ने जो जानकारी दी उसमें कुछ गड़बड़ी थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने न केवल नाराजगी जताई बल्कि अफसर को मांफी भी मांगनी पड़ी अपनी गलती के लिए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री चौहान ने अफसरों से कहा, विकास के काम समय पर पूर्ण हों, गुणवत्तापूर्ण हो और समय पर जनता का काम पूरा हो। उन्होंने आगे कहा, हमने तय किया था कि नर्मदा नदी (Narmada river) को बचाना है तो अतिक्रमण रोकना जरूरी है। पूर्व में मुख्यमंत्री नर्मदा के उदगम स्थल अमरकंटक में पक्के निर्माण पर रोक लगाने का ऐलान कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने ‘जल जीवन मिशन’ (Jal Jeevan Mission) की चर्चा के दौरान जानना चाहा कि कितने प्रतिशत लक्षित परिवारों तक नल से जल पहुंचाने का कार्य हुआ। इसके बारे में पूरी जानकारी दें। कलेक्टर ने बताया कि 1.29 लाख लक्ष्य था। पिछली बार 102 फीसदी पूरा हुआ। इस बार लक्ष्य 9435 का है, 4 हजार पूरे हुए।

मुख्यमंत्री ने पूछा कि काम की गुणवत्ता के बारे में कुछ शिकायतें हैं क्या, तो कलेक्टर ने बताया कि दो जगहों पर शिकायतें आई थी। इन मामलों में दोनों ठेकेदार को नोटिस दिया है। एक जगह पेमेंट रोक दिया है। मुख्यमंत्री ने फिर सवाल किया कि, अभी कितनी योजनाओं से पानी देना शुरू हुआ है? कार्यपालन यंत्री का जवाब था, 77 योजनाओं के तहत पानी देना शुरू हुआ। इसको रीचेक कराइए, ग्रामीणों की संतुष्टि का स्तर नहीं बढ़ा तो क्या फायदा। मुख्यमंत्री ने कार्यपालन यंत्री द्वारा दी गई जानकारी में झूठ को पकड़ा तो उन्होंने कार्यपालन यंत्री द्वारा गलत तथ्य प्रस्तुत करने पर में नाराजगी व्यक्त की और बैठक में ही माफी मांगने को कहा। इसके लिए ईई ने माफी मांगी। मुख्यमंत्री ने बैठक में जोर दिया कि, जिन गांव में पानी का सोर्स नहीं है। उन गांव में कैसे पानी का सोर्स मिले, उसकी विशेष योजना बनाएं। यह भी बताएं कि सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) में पानी से संबंधित कितनी शिकायत हैं। इस पर ईई ने बताया कि 82 शिकायत है।

मुख्यमंत्री ने इन शिकायतों के जल्दी निपटारे को कहा। जिले में ‘पीएम आवास योजना’ (PM Awas Yojana) में अपेक्षाकृत कम काम होने पर मुख्यमंत्री ने सवाल किए, साथ ही कहा, शेष बचे हुए पुराने आवास हैं उन्हें पूरे करने की कोशिश करें। वहीं आवास प्लस की क्या स्थिति है, इसका ब्यौरा मांगा। बताया गया कि 7758 का लक्ष्य था। पात्र सभी लोगों को आवास स्वीकृत हो चुके हैं। कुछ आवास तकनीकी कारणों से स्वीकृत नहीं हुए। मुख्यमंत्री ने कहा, हम अनूपपुर जिले में मकान पूर्ण करने के बाद ग्रह प्रवेश का कार्यक्रम कराएं। यह एक आनंद का विषय भी रहेगा और अमले पर नैतिक दबाब भी रहेगा, मकान पूरा करने का। साथ ही पूछा कि, आवास योजना में भ्रष्टाचार की शिकायत तो नहीं हैं, इसको गंभीरता से दिखाएं, कलेक्टर इसको क्रॉस चेक करें। (आईएएनएस)

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