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उपलब्धियों को ऊंचाईयां और खामियों की खिलाफत का द्वार

Panchayat Municipal Elections BJP

भोपाल। प्रदेश में मिशन 2023 की तैयारियों में जुटे दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस ने अपने -अपने एजेंडे पर तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं। भाजपा ने जहां उपलब्धियों को ऊंचाइयां देने की कोशिश शुरू कर दी है वहीं कांग्रेस ने भी सरकार की खामियों की खिलाफत करने के लिए कमर कस ली है।

दरअसल, चुनाव के लिए वैसे तो 15 महीने से ज्यादा है लेकिन दोनों दलों की चुनावी तैयारियों को लेकर बेताबी इतनी है कि अभी से मुद्दों को धार देना शुरू कर दिया है। लगातार सत्ता में रहते हुए भाजपा ने लगभग हर क्षेत्र मैं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन किया और इसी का परिणाम है कि सरकार के खिलाफ निर्णायक एंटी इनकंबेंसी नहीं बन पाई 2003 के बाद केवल 2018 में महज कुछ सीटों से भाजपा सरकार बनाने से रह गई तब भी वोट प्रतिशत कांग्रेस से ज्यादा था। यही कारण है कि भाजपा अब नई योजनाओं को लागू करने की बजाय उन योजनाओं की रीलॉन्चिंग कर रही है जिनके कारण उसे सफलता मिलती रही है कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को जोर – शोर से पुनः प्रारंभ करने के बाद अब भाजपा सरकार 8 मई को लाड़ली लक्ष्मी योजना का उत्सव मनाने जा रही है।

इसकी तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मंत्रियों, कमिश्नर, कलेक्टर और महिला बाल विकास अधिकारियों के साथ चर्चा की। जिसमें 8 मई को भोपाल में होने वाले “लाडली लक्ष्मी उत्सव” को लेकर समुचित तैयारी करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान लाड़ली लक्ष्मी योजना टू का प्रेजेंटेशन भी हुआ और योजना में नए प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। प्रदेश में 8 मई को हर जिले में शहर में और गांव में “लाडली उत्सव” मनाया जाएगा लगभग 43 लाख लाडली लक्ष्मी हैं। जिनके परिवारों से संपर्क किया जाएगा। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की तरह ही “लाडली लक्ष्मी” योजना वह भी उत्सव कार्यक्रम के माध्यम से ऊंचाईयां दी जाएंगी।

वहीं दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार की खामियों को उजागर करने के लिए मैदानी संघर्ष को गति देने की योजना बनाई है। सबसे पहले भोपाल में युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के छात्र और युवा 12 मई को बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे हैं। जिसमें पार्टी ने 20,000 से ज्यादा युवाओं और छात्रों को भोपाल आने का टारगेट दिया है। इस प्रदर्शन में बेरोजगारी के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जाएगा। पार्टी संभाग स्तर पर बैठकों का दौर शुरू कर रही है। इसके लिए ग्वालियर में 7 मई को पहली बैठक होगी।

इन बैठकों में संभाग से जुड़े कांग्रेस पदाधिकारी विधायक विधानसभा और लोकसभा के उम्मीदवार विशेष रूप से शामिल होंगे। नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह भी सड़क से लेकर सदन तक सरकार के खिलाफ संघर्ष करने का ऐलान कर चुके हैं और 21 मई को पहली विधायक दल की बैठक होने जा रही है। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजय सिंह, कांतिलाल भूरिया विशेष रुप से उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में विभिन्न चरणों में होने वाले आंदोलनों की रूपरेखा बनाई जाएगी।

कुल मिलाकर मौसम की तरह ही सियासत भी गरमाने लगी है और दोनों ही प्रमुख दल अपने एजेंडे पर तेजी से पढ़ने के लिए कार्यक्रमों को अंतिम रूप दे रहे हैं। भाजपा सरकार और संगठन जहां राज्य और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को ऊंचाइयां देने की कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रस दोनों ही सरकारों की खामियों को जनता के सामने लाने के लिए मैदानी संघर्ष को अख्तियार कर रही है।

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