nayaindia madhya pradesh night curfew मुख्यमंत्री चौहान ने कोरोना के संबंध
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नाइट कर्फ्यू आज रात से समाप्त, अन्य प्रतिबंध भी हटे

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भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य में कोविड-19 लगभग नियंत्रित स्थिति में है। इसलिए राज्य सरकार द्वारा ऐसे प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया जा रहा है, जो अब तक लागू थे। ये प्रतिबंध कोविड महामारी के समय लगाए गए थे। चौहान ने आज यहां मंत्रालय में राज्य में कोविड की स्थिति की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए। बैठक में लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री प्रभुराम चौधरी, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ राजेश राजौरा, स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कोविड से बचाव के लिए वैक्सीनेशन कारगर उपाय: मुख्यमंत्री 

बैठक में चौहान ने कहा कि अब सभी सामाजिक, राजनैतिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन पूरी क्षमता के साथ हो सकेंगे। प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर लगने वाले मेलों का आयोजन भी किया जा सकेगा। चल समारोह अब निकल सकेंगे और विवाह में भागीदारी बिना संख्या की सीमा के हो सकेगी। चौहान ने कहा कि काफी लंबी अवधि प्रतिबंधों के साथ बिताई जा चुकी है। समग्र स्थितियों पर विचार-विमर्श के पश्चात प्रतिबंधों को हटाने का फैसला लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतिम संस्कार में भी अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए सभी इच्छुक पहुंच सकेंगे। नाइट कर्फ्यू आज रात से समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिनेमा हॉल, मॉल, स्वीमिंग पुल, जिम, योगा सेंटर, रेस्टोरेंट, क्लब इत्यादि सौ प्रतिशत क्षमता के साथ खुल सकेंगे। स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, कोचिंग क्लासेज पूर्ण क्षमता से अब संचालित की जा सकेंगी। यह जरूर है कि सभी तरह की गतिविधियां हम प्रारंभ कर रहे हैं। लेकिन यह कोरोना अनुकूल व्यवहार के साथ प्रारंभ होंगी।

चौहान ने कहा कि यह आवश्यक है कि संक्रमण को फैलने के लिए जिम्मेदार कोई भी कार्य न किए जाए, किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो, परस्पर दूरी और सभी के लिए मास्क के उपयोग की सावधानी आवश्यक होगी। उन्होंने कहा कि मेलों में दुकानदार तभी दुकान लगा सकेंगे जब उन्हें दोनों डोज़ लगी हो। सिनेमा हॉल में स्टॉफ को दोनों डोज़ और दर्शक को कम से कम एक डोज़ लगना अनिवार्य होगा। मेलों के अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में दुकानदार को वैक्सीन के दोनों डोज़ लगवाना अनिवार्य होगा। हॉस्टल में 18 वर्ष से ऊपर के छात्र-छात्राएं और समस्त स्टाफ को दोनों डोज़ लगवाना आवश्यक होगा।

प्रदेश में प्रतिबंध हटे हैं, लेकिन सावधानी नहीं हटना है

चौहान ने मीडिया के माध्यम से अपील की है कि सावधान रहना है। कोविड टेस्ट के लिए शासकीय टीम आए तो सेम्पल जरूरी दे दें, ताकि बीमारी अगर ज्यादा लोगों को हो रही हो, संक्रमण फैल रहा हो तो तत्काल पता लगाया जा सके। जिनका भी दूसरा डोज़ बचा है वो जरूर डोज़ लगवाएं। शासकीय सेवकों को दोनों डोज़ अनिवार्य हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीनेशन कोविड से बचाव के लिए उपयोगी और एकमात्र उपाय है। यह एक कारगर उपाय है। हर व्यक्ति को वैक्सीन के दोनों डोज़ लगवाना ही चाहिए। सामाजिक संस्थाओं, क्राइसिस मैनेजमेंट समूह, स्थानीय प्रशासन के साथ ही हर नागरिक को यह सुनिश्चित करना है कि स्वास्थ्य के इस महत्वपूर्ण सुरक्षा चक्र के महत्व को समझें और यह देखें कि स्वयं के अलावा हमारे आसपास के सभी व्यक्ति वैक्सीन के दोनों डोज़ अनिवार्य रूप से लगवा चुके हैं या नहीं।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 91.6 प्रतिशत पात्र लोगों द्वारा वैक्सीन का प्रथम डोज़ लगवाया जा चुका है। दूसरा डोज़ लगवाने वालों का प्रतिशत 47.3 है। प्रतिदिन 25-30 पॉजीटिव प्रकरण सामने आ रहे हैं। भोपाल में आज पाँच पॉजीटिव प्रकरण सामने आए हैं। एक्टिव प्रकरणों की संख्या भी घटकर 78 हो गई है। हम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री ने जिलों के प्रभारी अधिकारियों से भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भिण्ड, खरगोन और सीधी जिले में प्रथम डोज़ का प्रतिशत 85 से कम है। इन जिलों में यह प्रतिशत बढ़ाने के प्रयास किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रणनीति हो कि प्रतिदिन न्यूनतम 70 से 75 हजार सैम्पल अवश्य लिए जाएँ। संक्रमण पर कड़ी निगाह रखी जाए। किसी भी व्यक्ति में रोग के मामूली लक्षण भी हो तो टेस्ट अवश्य करवाएँ। विद्यालयों और छात्रावासों में विद्यार्थियों द्वारा आवश्यक सावधानियां रखी जाएं। प्रतिबंध समाप्त करने के निर्णय पर लापरवाही को स्वभाव का हिस्सा न बनाया जाए। हमें असावधान नहीं होना है। अधिक भीड़ एकत्र होने वाले स्थानों पर विशेष सावधानियाँ रखी जाएँ। चौहान ने निर्देश दिए कि अब सभी प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया जा रहा है।

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