madhya pradesh politics BJP संगठन की तरह सत्ता में भी कसावट के कदम
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संगठन की तरह सत्ता में भी कसावट के कदम

भोपाल। प्रदेश भाजपा पर केंद्रीय नेतृत्व की सजग निगाहें हैं। शिव प्रकाश और मुरलीधर राव से मिले फीडबैक के बाद पहले संगठन में कसावट की प्रक्रिया शुरू हुई और अब सरकार में कसावट शुरू हो गई। (Madhya Pradesh politics BJP)

दरअसल, पूरे देश में भाजपा का मजबूत संगठन मध्यप्रदेश में माना जाता था और सरकार के स्तर पर भी डेढ़ दशक में सामाजिक सरोकारों से सराबोर सरकार की छवि बनी। यहां तक कि पार्टी नेताओं में कांग्रेस मुक्त प्रदेश का नारा बुलंद किया था लेकिन 2018 में प्रदेश में कांग्रेसी सरकार बन गई और सत्ता और संगठन की पूरी ताकत झोंकने के बाद भी दमोह विधानसभा का उपचुनाव पार्टी लंबे मार्जिन से हार गई इसके बाद पार्टी में नीचे से लेकर ऊपर तक कमजोर कड़ी ढूंढ़ने की प्रक्रिया शुरू हुई। पार्टी की राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव अधिकतम समय देकर सूक्ष्म से सूक्ष्म फीडबैक ले रहे हैं और उसी के आधार पर संगठन और सत्ता में कसावट की प्रक्रिया चल रही है।

बहरहाल, संगठन में जहां संभाग स्तर के संभागीय संगठन मंत्रियों को एक झटके में हटा दिया गया। वहीं पार्टी पदाधिकारियों से प्रभार वाले क्षेत्रों में प्रवास करने को दो टूक हिदायत दी गई। इसका असर भी हुआ और पिछले पखवाड़े अधिकांश  महामंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में प्रवास पर रहे। यहां तक कि पार्टी कार्यालय में अधिकतम समय देने वाले महामंत्री भगवानदास सबनानी भी एक सप्ताह तक इंदौर में रहे। जिस तरह से प्रदेश पदाधिकारियों को प्रवास करने पार्टी कार्यक्रमों को गति देने सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने एवं बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का टारगेट दिया गया है और यदि इसी तरह से संगठन पदाधिकारियों से पार्टी परिश्रम कराती रही तो शायद अगली बार प्रदेश पदाधिकारी बनने के लिए वही आगे आएगा जो अपने घर से फुर्सत हो वे लोग जो पद पाने विजिटिंग कार्ड छपवाने और गाड़ी में नेम प्लेट लगाने के लिए पद चाहते हैं उनके दिन अब पार्टी में गुजरे जमाने की बात हो गई।

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संगठन के बाद सरकार में भी कसावट की प्रक्रिया तेज हो गई है। गुरुवार को आनन-फानन में कोर ग्रुप की बैठक हुई जिसमें सरकार और संगठन मिलकर काम करने की बात हुई। साथ ही चारों उपचुनाव जीतने की रणनीति भी बनाई गई। संगठन को दायित्व सौंपने के बाद शुक्रवार को मंत्रियों की आपात बैठक मुख्यमंत्री निवास में हुई जिसमें मंत्रियों से प्रभार वाले जिलों में प्रवास करने और कार्यकर्ताओं से मिलने उनकी समस्याओं को सुनने के बारे में तो कहा ही गया चारों चुनाव वाले क्षेत्रों में वहां के प्रभार वाले मंत्रियों से विशेष रुप से सक्रिय रहने को कहा गया। मंत्रियों से अपने-अपने विभाग की प्रगति रिपोर्ट तैयार करने और  विभागीय योजनाओं का आम जनता तक अधिकतम लाभ कैसे पहुंचे इसके लिए प्रयास करने को कहा गया।

कुल मिलाकर कोर ग्रुप और मंत्रियों की बैठक के बाद सत्ता और संगठन में तालमेल और सक्रियता तो देखने को मिलेगी और जहां जरूरी होगा वहां परिवर्तन भी किया जाएगा। पूरी रिपोर्ट लेकर एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कल दिल्ली में जाकर गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। जाहिर है प्रदेश में पार्टी की स्थिति को लेकर केंद्रीय नेतृत्व सतर्क और सजग हैं और शिव प्रकाश एवं मुरलीधर राव के फीडबैक के आधार पर पार्टी में सुधार की प्रक्रिया कब तक चलती रहेगी जब तक केंद्रीय नेतृत्व को अनुकूल माहौल का फीडबैक नहीं मिलने लगेगा क्योंकि मध्य प्रदेश को लेकर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ संघ भी अपनी नजरें लगाए हुए हैं। पार्टी में संदेश तो चला ही गया है कि अब जो काम करेगा वही टिकेगा, क्योंकि पार्टी में चौतरफा कसावट की कदम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि पार्टी में अब चौतरफा कसावट के कदम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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