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दोनों हाथों से लिखती है 3 साल की बालिका

भोपाल। मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दोनों हाथ से लिखने वाली 3 साल की बालिका को सम्मानित किया है। इस बच्ची का नाम षंजन थम्मा है। यह मप्र उज्जैन की रहने वाली है। कमलनाथ ने इस दौरान शंजना को प्रशंसा पत्र प्रदान किया। षंजन दुनिया में सबसे कम उम्र में ‘यंगेस्ट एक्टिवट्रेक्स्ट्रस राइटर’ के रूप में वर्ल्ड रिकार्ड बना चुकी हैं।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को मंत्रालय की 5वीं मंजिल पर अपने कक्ष में षंजन से मुलाकात की। षंजन अपनी मां मानसी थम्मा एवं नाना रमेश चंद्र शर्मा के साथ आई थीं। उज्जैन निवासी षंजन जैसे ही कक्ष में दाखिल हुईं, मुख्यमंत्री ने गर्मजोशी के साथ उनसे हाथ मिलाया। षंजन से उन्होंने सवाल किया कि उसे कौन-कौन से मेडल प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने उसकी एक-एक उपलब्धि को देखा। मुख्यमंत्री ने षंजन को फूलों का गुलदस्ता भेट किया।

मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से षंजन को एक प्रशंसा-पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री को षंजन की मां मानसी ने बताया कि जब वह 10 माह की थी तभी से दोनों हाथों से लिखने के साथ ही एक से 10 तक की गिनती उसे याद थी। विज्ञान, राजनीति और दुनिया के भूगोल की षंजन को गहरी समझ और जानकारी है। षंजन का पहला रिकार्ड दो साल 11 माह में बना, जब वह दोनों हाथों से लिखने लगी थी। दूसरा रिकार्ड इतनी ही कम उम्र में राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय गान के साथ ही सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान उसे पूरा याद होने के कारण बना। उसे वर्ल्ड रिकार्ड ऑफ इंडिया और एशिया बुक ऑफ रिकार्ड मिल चुका है।

षंजन की मां के अनुसार, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होने की अंतिम प्रक्रिया चल रही है। षंजन की अपनी खुद की 250 किताबों की लाइब्रेरी है। चंद्रयान-दो की लॉन्चिंग उसने पूरी रात देखी और कहा कि आगे हम इसमें सफल होंगे। षंजन तीन साल की है और वह नर्सरी में है, लेकिन उसे 9वीं कक्षा तक का पूरा ज्ञान है।

षंजन की मां सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और पिता श्रीधर थम्मा वायुसेना में कच्छ में पदस्थ हैं। षंजन की प्रतिभा को सहेजने और संवारने के लिए मां ने अपनी नौकरी छोड़ दी। वह बीएड कर रही हैं, ताकि स्वयं उसकी अधिकृत शिक्षिका बन सकें।

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