tribal society political parties आदिवासियों को रिझाने में लगे भाजपा और कांग्रेस
गेस्ट कॉलम | देश | मध्य प्रदेश| नया इंडिया| tribal society political parties आदिवासियों को रिझाने में लगे भाजपा और कांग्रेस

आदिवासियों को रिझाने में लगे भाजपा और कांग्रेस

भोपाल। प्रदेश में इस समय आदिवासी समाज राजनीतिक दलों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है 15 नवंबर को राजधानी भोपाल में जहां भाजपा जनजाति गौरव दिवस मना रही है। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं इसी दिन संस्कारधानी जबलपुर में कांग्रेस आदिवासियों का बड़ा सम्मेलन करने जा रही है पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पहुंच रहे है।

दरअसल, प्रदेश में 2023 विधानसभा के आम चुनाव होना है जिसके लिए राजनीतिक दलों ने कवायद शुरू कर दी है और प्रदेश का पिछला राजनैतिक रिकॉर्ड बताता है कि जिधर आदिवासी समाज का झुकाव हो जाता है उस दल को सरकार बनाने में आसानी हो जाती है पिछले 2 विधानसभा के आम चुनाव को ही देख ले तो 2013 में प्रदेश का आदिवासी वर्ग का झुकाव भाजपा की तरफ था और भाजपा की सरकार बन गई थी लेकिन 2018 के विधानसभा के आम चुनाव में आदिवासी वर्ग का झुकाव कांग्रेस की ओर हो गया जिससे 15 वर्षों के बाद पार्टी सरकार में आ गई और झाबुआ विधानसभा का उपचुनाव में कांग्रेस जीत गई इसके बाद कांग्रेस के मन में चल रही थी कि आदिवासी वर्ग पार्टी की ओर लौट आया है लेकिन कांग्रेस की सरकार अचानक से गिर गई और भाजपा की सरकार आने के बाद हुए उपचुनाव में एक बार फिर आदिवासी वर्ग भाजपा की तरफ जाता हुआ दिखाई दिया। खासकर जोबट विधानसभा के उपचुनाव मैं भाजपा ने बड़ी चतुराई से उस इलाके की बड़ी आदिवासी नेता सुलोचना रावत को ना केवल भाजपा में शामिल किया बल्कि उन्हें चुनाव मैदान में भी उतारा।

यहां बताते चलें कि सुलोचना  रावत कांग्रेस से तीन बार विधायक भी रहीं और मंत्री भी रही। भाजपा का प्रयोग सफल रहा और सुलोचना रावत चुनाव जीत गई जिसे भाजपा ने जोर-शोर से प्रचारित किया कि प्रदेश का आदिवासी वर्ग फिर से भाजपा के साथ जुड़ गया है और इस जुड़ाव को फेविकोल जैसा जोड़ लगाने के लिए 15 नवंबर को राजधानी भोपाल में गौरव जनजाति दिवस मनाते हुए लगभग ढाई लाख आदिवासियों को आमंत्रित किया जा रहा है। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष रूप से आ रहे हैं। इस कार्यक्रम की तैयारियों में सत्ता और संगठन ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है।

bypolls result congress bjp

इस समय सब काम छोड़कर केवल 15 नवंबर की तैयारियां की जा रही है। प्रदेश में ही नहीं पूरे देश में आदिवासी वर्ग में भाजपा संदेश देना चाहती है। पार्टी आदिवासियों की सबसे बड़ी शुभचिंतक है बिरसा मुंडा की जयंती पर अवकाश घोषित करके सरकार ने पहले ही संकेत दे दिए हैं। 15 नवंबर को आदिवासी समाज के हित में बड़ी घोषणाएं भी हो सकती है। बड़ी तादाद में आदिवासी वर्ग भोपाल पहुंचे इसके लिए कलेक्टरों को राशि आवंटित कर दी गई है। जिससे वे आदिवासियों के आने – जाने रुकने एवं भोजन की पूरी व्यवस्था कर सकें।

 Read also भाजपा के आरोप और महामारी के नायक

सरकार आदिवासियों के हक में जो भी निर्णय हो सकते हैं उनको निरंतर लेती जा रही है। मसलन, साहूकारों से कर्ज मुक्ति, आदिवासी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और भी ऐसे मामले जो आदिवासियों के हित में हो सकते हैं वह लिए जा रहे हैं।

वहीं दूसरी तरफ भाजपा की इन तैयारियों को देखकर कांग्रेस सतर्क और सावधान हो गई है और 15 नवंबर को ही कांग्रेस जबलपुर में जनजातीय महा सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। इसके लिए पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोट को प्रभारी बनाया गया है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक बैठक में इन तैयारियों को गंभीरता से करने के निर्देश दिए गए हैं एवं अधिकतम आदिवासियों को सम्मेलन में बुलाने के लिए कहा गया है।

कुल मिलाकर प्रदेश में सत्ता की चाबी आदिवासियों के हाथ बांधकर प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस में इस वर्ग को रिझाने की होड जैसी लग गई है और 15 नवंबर को प्रदेश में इस वर्ग का गौरव जरूर दिखाई देगा। राजधानी भोपाल से लेकर का संस्कारधानी जबलपुर तक जिसमें राजधानी भोपाल में आदिवासियों का रुतबा उस समय देखते ही बनेगा जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के साथ मंच पर केवल आदिवासी पर्व के ही लोग होंगे।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
मंत्री तो ममता के भी छोड़ रहे थे!
मंत्री तो ममता के भी छोड़ रहे थे!