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मोदी सरकार ला रही है आदर्श किराया कानून (Modal tenancy Act), जानें किसे होगा फायदा ?

नई दिल्ली |   देशभर में शायद ही ऐसी कोई ऐसी जगह हो जहां मकान मालिक और किराएदार के बीच झंझट नहीं होता हो. अब मोदी सरकार एक नया आदर्श किराया कानून (Modal tenancy Act) लागू करने के तैयारी कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी के अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस मसौदे को मंजूरी भी दे दी गई है. ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि अब यह आदर्श किराया कानून जल्द ही देशभर में लागू हो जाएगा. जानकारों की माने तो जल्द ही देश में वर्तमान किरायेदार कानून में संशोधन होने वाला है और इसे कानून बनाकर देशभर में लागू किया जा सकता है. तो आइए जानते हैं कि क्या है या आदर्श किराया कानून और इसकी जरूरत क्यों आन पड़ी…

ऐसे समझें आदर्श किराया कानून को

आंकड़ों की मानें तो देश भर में 5 से 8% कोर्ट में चल रहे कि मकान मालिक और किरायेदारों के बीच के होते हैं. देश भर में ऐसे ही जजों की कमी के कारण कई मामले लंबित हैं ऐसे में केंद्र सरकार ने आदर्श किराया कानून लाकर मकान मालिकों और किरायेदारों के बीच के मतभेद को कम करने का एक प्रयास किया है. इस बाबत केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि इस कानून के लागू होने के बाद दोनों पक्षों को फायदा होगा. सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि मकान मालिक अपना घर किराए में देने से नहीं डरेंगे जिसके कारण किरायेदारों को घरों की किल्लत नहीं होगी इसके साथ ही प्राइवेट प्लेयर्स को भी बिजनेस मिल सकेगा. यहां बता दें कि इस नए कानून के तहत यदि किराएदार मकान मालिक को 2 महीने तक किराया नहीं देता है तो मकान मालिक को कानूनी हक मिल जाएगा कि उससे घर या स्थान खाली कराया जा सके.

क्या हैं मुख्य नियम

सिक्योरिटी डिपाजिट का क्या

अक्सर देखा जाता है कि किरायेदार और मकान मालिकों के बीच घर के लेने के समय से ही सिक्योरिटी डिपाजिट को लेकर झंझट शुरू हो जाती है. अब इस नए मॉडल टेनंसी एक्ट में इसके लिए जो प्रावधान किया गया है उसके अनुसार रेसिडेंशियल बिल्डिंग के लिए सिक्युरिटी अधिकतम 2 महीने का किराया और नॉन रेसिडेंशियल के लिए अधिकतम 6 महीने का किराया ही दिया या लिया जा सकेगा.

मकान दुकान खाली करवाने के लिए होंगे ये नियम

भारत में सबसे ज्यादा विवाद घरों और दुकानों को खाली कराने के समय होता है. अब इसके लिए मोदी सरकार के इस कानून में साफ कहा गया है कि रेंट एग्रीमेंट की शर्तों को पूरा करने के बाद भी किराएदार जगह खाली नहीं करता है तो मकान मालिक दो महीने के लिए किराया डबल कर सकता है. और यदि इसके बाद भी जगह खाली नहीं होने पर किराया 4 गुना तक किया जा सकता है. वहीं मकानमालिक की शर्त में जगह खाली करवाने के पहले उन्हें नोटिस देना होगा. हालांकि मकान मालिक किराए वाले मकान या दुकान खाली करवाने के लिए नोटिस दे सकते हैं.

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प्रॉपर्टी हो जाएगी सुरक्षित, नहीं हो पाएगा अवैध कब्जा

केंद्र सरकार का कहना है कि मॉडल टेनंसी एक्ट के तहत कोई किसी की प्रॉपर्टी पर कब्जा नहीं कर सकेगा. मकान मालिक को घर खाली कराने के पहले नोटिस देना होगा तो वहीं किरायेदार को भी रेंट की प्रॉपर्टी की देखभाल की जिम्मेदारी लेनी होगी. उन्होंने कहा है कि इस नये कानून से प्रॉपर्टी सुरक्षित हो जाएगी साथ ही लोग अवैध कब्जा नहीं कर पाएंगे.

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