चंद्रमा पर मिला भारतीय चंद्रयान का मलबा

वाशिंगटन। अमेरिका की अंतरिक्ष संस्था नासा ने चंद्रमा पर भारत के महत्वकांक्षी चंद्रयान-दो के विक्रम लैंडर का मलबा मिलने का दावा करते हुए उसकी एक तस्वीर साझा की है। विक्रम लैंडर की सात सितंबर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने की भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, इसरो की कोशिश नाकाम रही थी और लैंडिंग से कुछ मिनट पहले लैंडर का इसरो से संपर्क टूट गया था।

नासा ने अपने लूनर रिकॉनसन्स ऑर्बिटर, एलआरओ से ली गई तस्वीर में अंतरिक्ष यान से प्रभावित स्थल को और उस जगह को दिखाया है, जहां मलबा हो सकता है। लैंडर के हिस्से कई किलोमीटर तक करीब दो दर्जन जगहों पर बिखरे हुए हैं। नासा ने एक बयान में कहा कि उसने इस जगह की एक तस्वीर 26 सितंबर को साझा की और लोगों से उस तस्वीर में लैंडर के मलबे को पहचानने की अपील की।

नासा ने बताया कि भारत के षणमुगा सुब्रमण्यन ने एलआरओ परियोजना से संपर्क किया और मुख्य दुर्घटनास्थल से लगभग 750 मीटर उत्तर पश्चिम में पहले टुकड़े की पहचान की। नासा ने कहा- यह जानकारी मिलने के बाद, एलआरओसी दल ने पहले की और बाद की तस्वीरें मिला कर इसकी पुष्टि की। पहले की तस्वीरें जब मिलीं थी तब खराब रोशनी के कारण प्रभावित स्थल की आसानी से पहचान नहीं हो पाई थी।

नासा ने कहा कि इसके बाद 14-15 अक्टूबर और 11 नवंबर को दो तस्वीरें हासिल की गईं। एलआरओसी दल ने इसके आसपास के इलाके में छानबीन की और उसे प्रभावित स्थल और मलबा मिला। नासा के अनुसार नवंबर में मिली तस्वीर के पिक्सल और रोशनी सबसे बेहतर थी। भारत का यह अभियान सफल हो जाता तो वह अमेरिका, रूस और चीन के बाद चांद पर पहुंचने वाला चौथा देश बन जाता।

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