nayaindia Mohammad Zubair Arrest Controversy : नुपुर शर्मा आजाद और युवा पत्रकार...
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अब वाम दल ने भी उठाए सवाल, कहा- नुपुर शर्मा आजाद और युवा पत्रकार जेल में…

Mohammad Zubair Arrest Controversy :
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नई दिल्ली | Mohammad Zubair Arrest Controversy : ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है. सोशल मीडिया में भी लोग लगातार इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं. ऐसे में वामदल की ओर से भी केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की जा रही है. वाम दल ने केंद्र पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि यह कैसे हो सकता है कि नफरत फैलाने वाले आजाद घूम रहे हों और उन्हें बेनकाब करने वाले को सलाखों के पीछे डाल दिया जाए. इन दलों ने यह भी कहा कि जुबैर को तत्काल रिहा किया जाना चाहिए. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा ने ट्वीट किया कि नफरत के बोल बोलने वालों को शासकों का संरक्षण मिल रहा है. देश को बदनाम करने वाले तथाकथित अराजक तत्वों को बचाया जा रहा है.

नुपुर शर्मा आजाद और युवा पत्रकार जेल में…

Mohammad Zubair Arrest Controversy : डी राजा ने कहा कि वैज्ञानिक सोच की रक्षा करने के लिए काम रहे मोहम्मद जुबैर जैसे युवा पत्रकारों को सलाखों के पीछे डाला जा रहा है. यह निंदनीय है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने ट्वीट कर कहा कि नुपुर ‘फ्रिंज’ शर्मा आजाद घूम रही हैं. नफरती बोल को दुनिया के सामने लाने वाले मोहम्मद जुबैर के खिलाफ शासन कार्रवाई कर रहा है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि जुबैर को तत्काल रिहा किया जाए. मोदी सरकार हर उस चीज से असुरक्षित हो जाती है जो उसके दुष्प्रचार की फर्जी हेट मशीन को बेनकाब करती हो.

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Mohammad Zubair Arrest Controversy : बता दें कि पत्रकार और ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर को सोमवार को दिल्ली पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया. पुलिस उपायुक्त के पी एस मल्होत्रा ने बताया कि पत्रकार ज़ुबैर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153-ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) और 295-ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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